बिहार सरकार के ‘आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2’ अभियान के तहत राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में आज, 17 मार्च 2026 को मोतिहारी नगर निगम के वार्ड संख्या-01, चैलाहाँ बाबु टोला में एक विशेष पशु बांझपन निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया।
विशेषज्ञों ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
राजकीय पशु चिकित्सालय मोतिहारी के सौजन्य से आयोजित इस शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव (पशु शल्य चिकित्सक), डॉ. शम्भू शरण (पशु चिकित्सा पदाधिकारी, लखौरा) और डॉ. ब्रज किशोर शर्मा (पशु चिकित्सक, MVU) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
पशुपालकों को जागरूक करना है मुख्य उद्देश्य
शिविर को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पशुपालन को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए पशुओं का स्वस्थ होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि बांझपन के कारण पशुपालकों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पशुओं में बांझपन के मुख्य कारण:
- पशुओं के खान-पान में पोषक तत्वों की कमी (कुपोषण)।
- पशुपालकों को मदचक्र (Heat Cycle) की सही जानकारी न होना।
- हार्मोन का असंतुलन और संक्रमण।
- साफ-सफाई और प्रबंधन में कमियां।
डॉक्टरों ने सलाह दी कि यदि इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दिया जाए, तो पशुओं की उत्पादकता को आसानी से बढ़ाया जा सकता है।
मुफ्त स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण
इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय पशुपालक अपने पशुओं को लेकर पहुंचे। पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार निशुल्क दवाओं का वितरण भी किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पशुधन सहायक श्री राज कुमार गुप्ता सहित कई क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विभाग का लक्ष्य है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से गांव-गांव तक उन्नत पशु चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
संपादकीय नोट: पशुओं में बांझपन की समस्या को समय पर पहचान कर और विशेषज्ञों की सलाह लेकर पशुपालक अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ये शिविर इस दिशा में एक सराहनीय कदम हैं।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।
संपादन: कंटेंट टीम, सच्चा समाचार।






