बिहार 

मोतिहारी: अब 24 घंटे में मिलेगी पोस्टमार्टम और इंजरी रिपोर्ट, डीएम ने दी सख्त चेतावनी

On: March 19, 2026 8:58 PM
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​बिहार के मोतिहारी में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने कड़े कदम उठाए हैं। अब जिले के अस्पतालों को जख्म प्रतिवेदन (इंजरी रिपोर्ट) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने में देरी करना भारी पड़ सकता है।

​समय सीमा तय: 24 घंटे के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

​मोतिहारी के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जख्म प्रतिवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

​सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और उसकी रिपोर्टिंग में अनावश्यक विलंब न हो।

​रात्रि पोस्टमार्टम और समन्वय पर जोर

​अक्सर रात के समय होने वाले पोस्टमार्टम में कागजी कार्रवाई या अनुमति पत्र की वजह से देरी होती है। इस संबंध में डीएम ने निर्देश दिया कि यदि अनुमति पत्र लंबित हो, तो उसकी सूचना तत्काल दी जाए।

​वहीं, पुलिस अधीक्षक (SP) ने भी सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया है कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं। समय पर रिपोर्ट मिलने से न केवल कानूनी प्रक्रिया तेज़ होगी, बल्कि पीड़ित परिवारों को भी राहत मिलेगी।

​अनुमंडल स्तर पर होगी साप्ताहिक समीक्षा

​प्रक्रिया की निरंतर निगरानी के लिए प्रशासन ने एक नया ढांचा तैयार किया है:

    • साप्ताहिक बैठक: हर हफ्ते अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) की अध्यक्षता में एक बैठक होगी।
    • जवाबदेही: इस बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारी शामिल होंगे, जहाँ लंबित रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी।
    • डेडलाइन: जिन संस्थानों में पुरानी रिपोर्ट लंबित हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर सारा काम अपडेट करने का समय दिया गया है।

जिलाधिकारी की चेतावनी: “अगर तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट अपडेट नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

 

​बैठक में मौजूद रहे मुख्य अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम बड़े चेहरे शामिल थे, जिनमें सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अनुमंडल अस्पतालों के उपाधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक और सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अतिरिक्त संदर्भ (पाठकों के लिए):

इंजरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट कानूनी मामलों और पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। इनमें देरी होने से अक्सर अदालती कार्यवाही और मुकदमों में बाधा आती है। प्रशासन के इस फैसले से जिले की न्याय व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।

Sachcha Samachar Desk

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