मोतिहारी (बिहार): बिहार के मोतिहारी में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार को जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती प्रभावित इलाकों और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
पीड़ितों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे मनोज भारती
घटना की जानकारी मिलते ही मनोज भारती पहले तुर्कोलिया और फिर मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों का हाल जाना और शोकाकुल परिवारों को सांत्वना दी। अस्पताल परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद ऐसी घटनाएं होना प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान लगाती हैं।
”2023 की घटना से भी नहीं लिया सबक”
मनोज भारती ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
- वर्ष 2023 में भी मोतिहारी में जहरीली शराब से लगभग 44 लोगों की जान गई थी।
- बार-बार हो रही इन मौतों से साफ है कि प्रशासन और कानून व्यवस्था लोगों को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है।
- अगर स्थानीय प्रशासन मुस्तैद होता, तो क्षेत्र में शराब का अवैध निर्माण और बिक्री मुमकिन नहीं थी।
जन सुराज की मांग: “बेवजह के कानूनों पर पुनर्विचार हो”
प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार की शराबबंदी नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान कानून केवल कागजों तक सीमित है। धरातल पर इससे लोगों को फायदा होने के बजाय उनकी जान जा रही है। जन सुराज की ओर से उन्होंने मांग की है कि सरकार को ऐसे ‘बेवजह के कानूनों’ को हटाना चाहिए जो प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहे हैं और भ्रष्टाचार का कारण बन रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मोतिहारी के कुछ इलाकों में जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों के बीमार होने और मौतों की खबर सामने आई है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और अस्पताल में भर्ती लोगों का इलाज जारी है। इलाके में तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी
संपादन: न्यूज़ डेस्क







