बिहार के मोतिहारी में ऐतिहासिक गौरव को समेटे जसौली पट्टी गाँव एक बार फिर उत्सव के रंग में डूबने वाला है। महात्मा गांधी की यादों और स्वतंत्रता सेनानी बाबू लोमराज सिंह की वीरता को समर्पित ‘चंपारण सत्याग्रह महोत्सव’ के भव्य आयोजन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
25 से 27 मार्च तक चलेगा तीन दिवसीय भव्य आयोजन
बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग और सदर अनुमंडल प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में इस वर्ष यह महोत्सव 25, 26 और 27 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को चंपारण के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराना और सरकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना है।
ऐतिहासिक महत्व: गांधी जी की पहली यात्रा का साक्षी है जसौली पट्टी
महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने गाँव के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
- महात्मा गांधी जब चंपारण आए थे, तो उन्होंने अपनी पहली ग्रामीण यात्रा किसान नेता बाबू लोमराज सिंह के गाँव जसौली पट्टी के लिए ही की थी।
- गांधी जी की इसी ऐतिहासिक स्मृति को संजोए रखने के लिए वर्ष 2000 से यहाँ लगातार महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
एक ही छत के नीचे मिलेंगे 20 से अधिक विभागों के स्टॉल
प्रभारी पदाधिकारी निधि कुमारी और बीडीओ चिरंजीव पाण्डेय ने बताया कि महोत्सव के दौरान आम जनता की सुविधा के लिए एक विशाल प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें 20 से अधिक सरकारी विभागों के स्टॉल लगेंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
- स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग: निःशुल्क परामर्श और जानकारी।
- कृषि और मत्स्य विभाग: किसानों के लिए नई तकनीक और योजनाएं।
- परिवहन, बिजली और डाक विभाग: जनोपयोगी सेवाओं की जानकारी।
- जीविका और बाल विकास परियोजना: महिला सशक्तिकरण और पोषण संबंधी जानकारी।
- इसके अलावा श्रम, उद्योग, आपूर्ति और समाज कल्याण विभाग भी अपनी योजनाओं का लाभ मौके पर देंगे।
जन-भागीदारी पर जोर: गांव-गांव में होगा प्रचार
बैठक के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिया कि महोत्सव का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पूर्व मुखियाओं और पैक्स अध्यक्षों ने भी प्रशासन को इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
बैठक में कला संस्कृति पदाधिकारी फहद सिद्दिकी, थानाध्यक्ष करण सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन आदित्य मानस ने किया।
प्रशासन की अपील: स्थानीय निवासी और आसपास के क्षेत्रों के लोग भारी संख्या में पहुँचकर इस ऐतिहासिक महोत्सव का हिस्सा बनें और सरकारी स्टालों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।
संपादन: कंटेंट टीम, सच्चा समाचार।






