बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले के ढाका बाजार में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस संयुक्त छापेमारी से दवा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
प्रशासन और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने दी दबिश
सिकरहना (ढाका) के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में औषधि निरीक्षक सुशील कुमार, रईस आलम, राकेश सिंह और ढाका थाना अध्यक्ष शामिल थे।
टीम ने सूचना के आधार पर ढाका बाजार के निम्नलिखित तीन प्रमुख मेडिकल स्टोर पर अचानक छापेमारी की:
- उपकार मेडिकल
- न्यू इंडिया मेडिकल
- बिंदा मेडिकल
भारी मात्रा में संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़ी शिकायतों की गहनता से जांच की। जांच दल को वहां कई ऐसी दवाएं मिलीं जिनका उपयोग नशे के तौर पर किए जाने का संदेह है।
- 10 प्रकार की दवाएं: इन्हें ‘नारकोटिक्स’ (नशीले पदार्थ) की श्रेणी से संबंधित मानते हुए मौके पर ही जब्त किया गया।
- 50 अन्य संदिग्ध दवाएं: इनके भी सैंपल लिए गए हैं ताकि लैब में इनकी शुद्धता और उपयोग की जांच की जा सके।
दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
छापेमारी दल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई सभी दवाओं को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार:
”जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि इन दवाओं में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की पुष्टि होती है, तो संबंधित दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
आम जनता के लिए जानकारी
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य युवाओं में बढ़ती नशे की लत को रोकना और बिना डॉक्टरी पर्चे के नशीली दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाना है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।
संपादन: कंटेंट टीम, सच्चा समाचार।






