मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में खाद तस्करों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बनकटवा प्रखंड के अगरवा गांव में की गई संयुक्त छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध यूरिया जब्त किया गया है। तस्करों ने इस खाद को नेपाल भेजने की नीयत से मक्के के खेत में छिपाकर रखा था।
गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि सीमावर्ती इलाकों के जरिए यूरिया की कालाबाजारी और तस्करी की योजना बनाई जा रही है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सिकरहना के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस टीम में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जितना थाना की पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान भी शामिल थे। संयुक्त टीम ने जब अगरवा गांव के मक्के के खेतों में तलाशी ली, तो वहां छिपाकर रखी गई 91 बोरी यूरिया बरामद हुई।
अज्ञात तस्करों पर FIR दर्ज
छापेमारी के दौरान मौके से कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी, क्योंकि तस्कर अंधेरे या पुलिस की भनक पाकर फरार हो गए थे। हालांकि, विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बरामद यूरिया को जब्त कर लिया है और उसे जितना थाना को सौंप दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
“कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”
जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- सख्त निगरानी: सीमावर्ती प्रखंडों (जैसे बनकटवा, छौड़ादानों) में छापेमारी अभियान और तेज किया जाएगा।
- किसानों को प्राथमिकता: सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद की कमी न हो और वास्तविक किसानों को सही कीमत पर आसानी से उर्वरक मिल सके।
- नकेल कसने की तैयारी: नेपाल सीमा के पास होने वाली तस्करी को रोकने के लिए SSB और स्थानीय पुलिस अब मिलकर विशेष गश्त करेगी।
किसानों के लिए राहत की बात
अक्सर खाद की किल्लत की खबरें आती रहती हैं, जिसका मुख्य कारण ऐसी ही अवैध जमाखोरी और तस्करी होती है। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र के किसानों में उम्मीद जगी है कि उन्हें बुवाई के समय यूरिया के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी।






