मोतिहारी (अरेराज): बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार, 23 मार्च 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सुश्री अंजली शर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने अस्पताल रोड स्थित निजी जांच केंद्रों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध क्लिनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है।
बिना वैध कागजातों के चल रहे थे सेंटर
जांच के दौरान अनुमंडलीय अस्पताल परिसर के पास स्थित ‘सोमेश्वर अल्ट्रासाउंड सेंटर’ और ‘गणपति अल्ट्रासाउंड सेंटर’ में भारी अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के समय ये केंद्र संचालन के लिए जरूरी वैध दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन दिखाने में असमर्थ रहे।
प्रशासनिक टीम ने पाया कि ये सेंटर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय किए गए मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। प्रथम दृष्टया अवैध पाए जाने के कारण, जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दोनों केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद दिखी। एसडीएम अंजली शर्मा के साथ निम्नलिखित अधिकारी भी मौजूद रहे:
- अरेराज अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक
- अरेराज थाना प्रभारी
- कार्यपालक दंडाधिकारी, अरेराज
संचालकों को सख्त निर्देश और आगे की कार्रवाई
एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित सेंटरों के संचालकों को अपने सभी कानूनी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया गया है। यदि वे संतोषजनक दस्तावेज नहीं दिखा पाते हैं, तो उन पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अरेराज अनुमंडल प्रशासन का संदेश: > “क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित किसी भी स्वास्थ्य संस्थान या नर्सिंग होम को बख्शा नहीं जाएगा। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले केंद्रों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”
पाठकों के लिए जानकारी: किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जांच कराने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीकृत (Registered) है या नहीं। अवैध केंद्रों पर जांच करवाना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी
संपादन: न्यूज़ डेस्क







