मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। बिहार राज्य के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को नमन करने के लिए आज ‘बिहार दिवस’ के अवसर पर पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय, मोतिहारी में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ स्कूली बच्चों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बच्चों की प्रभात रैली ने बिखेरे देशभक्ति के रंग
सुबह की पहली किरण के साथ ही मोतिहारी की सड़कों पर स्कूली बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक विशाल प्रभात रैली को जिलाधिकारी (DM) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- उद्देश्य: बिहार की समृद्ध विरासत के प्रति जागरूकता फैलाना।
- प्रतिभागी: शहर के विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं, शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी।
- संदेश: रैली के दौरान बच्चों ने बिहार के विकास और गौरव से जुड़े नारे लगाए, जिससे पूरे शहर का माहौल उत्सवपूर्ण हो गया।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प: समाहरणालय में वृक्षारोपण
बिहार दिवस के इस खास मौके पर केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने की भी कोशिश की गई। डीआरडीए (DRDA) के सहयोग से समाहरणालय परिसर में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
जिलाधिकारी और अन्य वरीय अधिकारियों ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास के साथ-साथ ‘हरियाली’ को बढ़ावा देना है।
आयोजन में शामिल रहे प्रमुख गणमान्य
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। मौके पर मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
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- जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण
- जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO)
- जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO)
- जिले के वरीय उपसमाहर्ता और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
विशेष नोट: बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है, जो 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग होकर बिहार के एक स्वतंत्र राज्य बनने की याद दिलाता है।
अमरजीत सिंह की रिपोर्ट, मोतिहारी






