पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के जिला प्रशासन ने आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित निवारण के लिए ‘जनता के दरबार में जिला प्रशासन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में जिले के विभिन्न हिस्सों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जिलाधिकारी ने खुद सुनीं जन समस्याएं
मोतिहारी स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) श्री सौरभ जोरवाल ने की। इस दौरान उनके साथ अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) मो. शिबगतुल्लाह और वरीय उप समाहर्ता श्री विकास कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनता दरबार में कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं:
- भूमि विवाद: जमीन से जुड़े आपसी झगड़े और पैमाइश के मामले।
- अतिक्रमण: सार्वजनिक या निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें।
- राजस्व विभाग: लगान, रसीद और अन्य सरकारी कागजी कार्यवाही में हो रही देरी।
मौके पर ही दिए कार्यवाही के निर्देश
जिलाधिकारी ने प्राप्त शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को सीधे फोन लगाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन आवेदनों पर बिना किसी देरी के कानूनी रूप से उचित कार्यवाही की जाए।
DM सौरभ जोरवाल ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समय सीमा के भीतर समाधान करना है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन्हें संबंधित विभागों को भेज दिया गया है ताकि उनका जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित हो सके।
त्वरित निष्पादन के लिए विशेष सेल को जिम्मेदारी
जनता दरबार में आए सभी आवेदनों को व्यवस्थित तरीके से हल करने के लिए जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है। इन सभी शिकायतों की मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
संपादकीय नोट: जनता दरबार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां नागरिक सीधे शीर्ष अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। यदि आपकी भी कोई समस्या स्थानीय स्तर पर नहीं सुलझ रही है, तो आप जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथियों पर जनता दरबार में आवेदन दे सकते हैं।






