बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जिले के 26 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए विशेष एम्बुलेंस के जरिए पटना भेजा गया है। इन सभी बच्चों के दिल में छेद या हृदय से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियां हैं।
सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
शुक्रवार को सदर अस्पताल मोतिहारी से सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने 11 एम्बुलेंस के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन एम्बुलेंस में 26 बच्चे और उनके परिजन सवार थे। स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम भी बच्चों की देखभाल के लिए साथ भेजी गई है, जिसमें तीन फार्मासिस्ट (मो. अताउर रहमान, मो. शमीम और दिलीप कुमार) शामिल हैं।
पटना में दो दिवसीय मुफ्त जांच शिविर का आयोजन
राज्य स्वास्थ्य समिति और श्री सत्य साई अस्पताल (अहमदाबाद) के डॉक्टरों के सहयोग से पटना के IGIC अस्पताल में 4 और 5 अप्रैल 2026 को एक विशाल “ईको” जांच शिविर लगाया जा रहा है।
- क्या होगा शिविर में: प्रदेश भर से आए बच्चों की विशेषज्ञों द्वारा ईको जांच की जाएगी।
- आगे की प्रक्रिया: जिन बच्चों की स्थिति गंभीर पाई जाएगी, उन्हें सर्जरी के लिए चुना जाएगा।
सरकारी खर्चे पर हवाई जहाज से जाएंगे अहमदाबाद
डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि जांच में जिन बच्चों को ऑपरेशन की जरूरत होगी, उन्हें बिहार सरकार अपने खर्च पर हवाई जहाज के जरिए अहमदाबाद भेजेगी। वहां ‘श्री सत्य साई अस्पताल’ में उनकी निशुल्क शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की जाएगी। परिजनों को इसके लिए एक भी रुपया खर्च करने की जरूरत नहीं है।
कैसे होता है इन बच्चों का चयन?
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, इन बच्चों की पहचान ज़मीनी स्तर पर की जाती है:
- चिन्हीकरण: आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की सेहत की जांच की जाती है।
- रैफरल: RBSK (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के डॉक्टर बीमार बच्चों को जिला अस्पताल भेजते हैं।
- पंजीकरण: जिला अस्पताल से उन्हें उचित योजना के तहत इलाज के लिए आगे भेजा जाता है।
अब तक 163 बच्चों को मिला नया जीवन
डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन ने एक उत्साहजनक आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत अब तक पूर्वी चम्पारण जिले के 163 बच्चों की सफल सर्जरी कराई जा चुकी है। वे सभी बच्चे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं।
किस क्षेत्र से कितने बच्चे हुए रवाना?
आरबीएसके (RBSK) डीसी डॉ. शशि मिश्रा ने जानकारी दी कि आज भेजे गए बच्चों में शामिल हैं:
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- केसरिया: 09 बच्चे
- मोतिहारी: 07 बच्चे
- पकड़ीदयाल, बंजरिया व हरसिद्धि: 02-02 बच्चे
- चकिया, पहाड़पुर, कोटवा व आदापुर: 01-01 बच्चा
संपादकीय नोट: यह पहल उन गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो निजी अस्पतालों में हृदय सर्जरी का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ हैं। सरकार की इस योजना से न केवल बच्चों की जान बच रही है, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ भविष्य भी मिल रहा है।







