मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण): जिले में खाद की कालाबाजारी और अवैध तस्करी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर मंगलवार (31 मार्च) को सीमावर्ती इलाकों में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से उर्वरक विक्रेताओं के बीच हड़कंप मच गया है।
स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर दुकानें सील
रक्सौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) ने संयुक्त रूप से आदापुर प्रखंड में छापेमारी की। जाँच के दौरान मेसर्स विजय खाद बीज भंडार (यमुनापुर) और विजय खाद भंडार (श्यामपुर चौक) के गोदामों में भारी गड़बड़ी पाई गई।
जाँच टीम ने पाया कि पीओएस (POS) मशीन में दर्ज खाद की मात्रा और गोदाम में मौजूद वास्तविक खाद के स्टॉक में काफी अंतर था। स्टॉक रजिस्टर और भौतिक उपलब्धता मेल न खाने के कारण प्रशासन ने तुरंत दोनों गोदामों को सील कर दिया। इन प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नेपाल सीमा पर खाद की तस्करी नाकाम
प्रशासन की सक्रियता के बीच एसएसबी (SSB) और स्थानीय पुलिस ने तस्करी की कोशिशों को भी विफल किया है:
- महुआवा बॉर्डर: महुआवा एसएसबी के जवानों ने तस्करी के उद्देश्य से ले जाई जा रही 55 बोरी यूरिया जब्त की है।
- बनकटवा नहर: जीतना थाना पुलिस ने बनकटवा नहर के पास कार्रवाई करते हुए दो बाइक पर लदी 8 बोरी यूरिया बरामद की। पुलिस ने यूरिया के साथ दोनों मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है।
घोड़ासहन और ढाका में भी सघन जाँच
सिकरहना के अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी ने घोड़ासहन प्रखंड के उर्वरक केंद्रों की पड़ताल की।
- मेसर्स ओम साई कृषि सेवा केंद्र (चम्पापुर): यहाँ भी पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया, जिसके बाद उर्वरक नियंत्रण आदेश की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
- मेसर्स यादव खाद भंडार (चम्पापुर): इस गोदाम में 300 बैग यूरिया मिला। छापेमारी के समय दुकान मालिक के मौजूद न होने के कारण अभिलेखों की जाँच नहीं हो सकी, जिसके चलते गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इसके अलावा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ढाका ने भी कुण्डवा चैनपुर और खरूआ चैनपुर पैक्स सहित आधा दर्जन प्रतिष्ठानों (मेसर्स चौधरी खाद भंडार, महालक्ष्मी खाद बीज भंडार, दुर्गा खाद बीज भंडार और साहु इंटरप्राइजेज) की सघन जाँच की है।
क्या है प्रशासन का संदेश?
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक की खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी दुकानदार सरकारी नियमों का उल्लंघन कर खाद का अवैध भंडारण या तस्करी करेंगे, उनके लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ जेल भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।
अतिरिक्त संदर्भ: बिहार के सीमावर्ती जिलों में अक्सर खाद की तस्करी की शिकायतें आती हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने पीओएस मशीन (POS Machine) अनिवार्य की है, ताकि हर बोरी का हिसाब डिजिटल रूप से रखा जा सके। स्टॉक में अंतर मिलना अवैध बिक्री या जमाखोरी का संकेत माना जाता है।






