बिहार 

मोतिहारी: पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने आर्म्स लाइसेंस के लिए किया SHO का फर्जी हस्ताक्षर, SP ने घोषित किया 15 हजार का इनाम

On: March 22, 2026 5:41 PM
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मोतिहारी, बिहार: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। केसरिया प्रखंड की प्रमुख आलिया प्रवीण के पति और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नाज अहमद खान पर आर्म्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए थाना प्रभारी (SHO) के फर्जी हस्ताक्षर कर रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी नाज अहमद खान फरार है।

​कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

​जानकारी के अनुसार, नाज अहमद खान ने दूसरे शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इस प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन की रिपोर्ट लगती है। आरोपी ने केसरिया थाने के एक चौकीदार मनोज सिंह के साथ मिलीभगत कर थानेदार के जाली हस्ताक्षर वाली एक फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार करवाई और उसे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय भेज दिया।

​जब यह रिपोर्ट मोतिहारी के SP स्वर्ण प्रभात के पास पहुँची, तो उन्हें हस्ताक्षर पर संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल इसकी गहन जांच करवाई, जिसमें पुष्टि हुई कि रिपोर्ट पर किए गए हस्ताक्षर केसरिया SHO के नहीं, बल्कि फर्जी हैं।

​मुख्य आरोपी पर इनाम और कुर्की की तैयारी

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी नाज अहमद खान और चौकीदार मनोज सिंह के खिलाफ केसरिया थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने मिलीभगत के आरोप में चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
  • इनाम की घोषणा: फरार नाज अहमद खान की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने 15,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है।
  • अल्टीमेटम: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी अगले 48 घंटों के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो न्यायालय के आदेशानुसार उसके घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

​राजनीतिक और आपराधिक पृष्ठभूमि

​नाज अहमद खान राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है। वह केसरिया प्रखंड प्रमुख का पति होने के साथ-साथ पूर्व में विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है। आवेदन में उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए दूसरे हथियार के लाइसेंस की मांग की थी, लेकिन अब जालसाजी के इस मामले ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पुलिस का संदेश: जिले के पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी राजनीतिक पहुंच कितनी भी मजबूत क्यों न हो।

 

रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।

Sachcha Samachar Desk

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