बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य के विभिन्न जिलों में विकास योजनाओं की रफ्तार तेज हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड में एक ऐतिहासिक दिन देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह तथा बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से 180 करोड़ रुपये की 327 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और पूरा माहौल उत्साह से भर गया।
भव्य समारोह और सुरक्षा व्यवस्था
बरियारपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कई विधायक, मुंगेर के आयुक्त अवनीश कुमार सिंह, जिलाधिकारी निखिल धनराज, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। चूंकि कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित था, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।
327 योजनाओं का लोकार्पण
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि एक ही दिन में 327 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें से 83 योजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 244 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
प्रमुख बिंदु:
- कुल लागत: लगभग 180 करोड़ रुपये
- उद्घाटन योजनाएँ: 83
- शिलान्यास योजनाएँ: 244
- मुख्य सौगात: बरियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (7.69 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित)
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम
बरियारपुर में जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया गया, वह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां मरीजों को 254 तरह की दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न पैथोलॉजी टेस्ट की सुविधा भी मिलेगी। ग्रामीण इलाकों के मरीज अब बड़े शहरों का रुख किए बिना स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
औद्योगिक विकास की सौगात
मुंगेर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए औद्योगिक विकास की दिशा में भी यह दिन ऐतिहासिक साबित हुआ।
जमालपुर औद्योगिक क्षेत्र में 14 एकड़ भूमि मदर डेयरी को आवंटित की गई है।
मुख्य विशेषताएं:
- निवेश: लगभग 250 करोड़ रुपये
- प्रोजेक्ट: मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट और बायोगैस प्लांट
- लाभार्थी: मुंगेर, भागलपुर, बांका, लखीसराय और जमुई के पशुपालक
- उत्पाद: दूध, पनीर, मक्खन सहित विभिन्न डेयरी प्रोडक्ट्स
- बायोगैस प्लांट: गोबर की खरीद से किसानों को अतिरिक्त आय
इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि पशुपालकों को भी सीधा फायदा होगा।
राजनीतिक बयान और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी योजनाओं का शुभारंभ होगा।
वहीं, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” लगातार बिहार की जनता को सौगात दे रही है। उन्होंने हाल ही में मुंगेर में हुए 200 करोड़ रुपये की योजनाओं के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा कि विकास का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
आगामी योजनाएं:
- अक्टूबर में मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट और मदर डेयरी यूनिट का शिलान्यास
- 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त योजनाओं की घोषणा
- महिला सशक्तिकरण योजना के तहत हर महिला को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
महिलाओं के लिए नई पहल
सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत प्रत्येक महिला को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे, ताकि वे छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
अब तक 1.06 करोड़ आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और जल्द ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इस योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
सड़क और आधारभूत ढांचा
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि मुंगेर से होकर कई राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
- मोकामा से सुजाग और आगे मुंगेर तक फोर-लेन और सिक्स-लेन सड़कें
- गंगा किनारे घाटों का विकास
- हवाई अड्डे का सर्वे प्रारंभ
इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के लिए फायदे
मदर डेयरी परियोजना के लागू होने के बाद किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा और मिलावट रहित उत्पाद बाजार में पहुंचेंगे। किसान अब सिर्फ दूध बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गोबर भी आय का साधन बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए वाराणसी के डेयरी प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए ललन सिंह ने बताया कि वहां दूध संग्रहण क्षमता 13,000 लीटर से बढ़कर 2.37 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई। इससे किसानों की आय कई गुना बढ़ी। मुंगेर में भी यही सफलता दोहराई जाएगी।
जनता का उत्साह
बरियारपुर में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से जिस अस्पताल और औद्योगिक निवेश का इंतजार था, वह अब पूरा हुआ है।
विशेषज्ञों की राय
स्थानीय विकास विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से न केवल स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, डेयरी उद्योग में निवेश से किसानों को स्थायी आय का स्रोत मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।
निष्कर्ष
मुंगेर में 180 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास केवल एक कार्यक्रम भर नहीं था, बल्कि यह इस जिले के विकास की नई दिशा है। स्वास्थ्य, उद्योग, सड़क और महिला सशक्तिकरण जैसे कई क्षेत्रों में नई पहल की गई है। आने वाले दिनों में और बड़ी योजनाओं के शुभारंभ से मुंगेर और आसपास के जिले विकास की दौड़ में एक नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर होंगे।










