बिहार के इतिहास में पहली बार एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़ा खेल आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (29 अगस्त 2025) राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी-सह-बिहार खेल विश्वविद्यालय परिसर में हीरो एशिया कप 2025 का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट का आयोजन 29 अगस्त से लेकर 7 सितंबर तक किया जाएगा।
टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष टीमें ले रही हैं हिस्सा
इस प्रतिष्ठित पुरुष हॉकी प्रतियोगिता में भारत के साथ-साथ चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, कोरिया, ओमान और बांग्लादेश की शीर्ष टीमें भाग ले रही हैं। एशियाई स्तर पर हॉकी की यह सबसे अहम प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा—
“यह आयोजन बिहार के लिए गर्व का क्षण है। इससे न केवल राज्य की खेल संस्कृति को नया आयाम मिलेगा बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।”
बिहार में पहली बार एशिया कप का आयोजन
अब तक एशिया कप जैसे बड़े हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन देश के महानगरों में ही देखा गया था। लेकिन पहली बार बिहार जैसे राज्य में इसका आयोजन होना, खेल अवसंरचना और राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
राजगीर का यह खेल परिसर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। यहां अत्याधुनिक हॉकी टर्फ, खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं और दर्शकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
खिलाड़ियों का स्वागत और सम्मान
इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी देशों की टीमों और खिलाड़ियों का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि खेल ही ऐसा माध्यम है जो न केवल शारीरिक और मानसिक विकास करता है बल्कि राष्ट्रों के बीच दोस्ती और सहयोग की भावना भी बढ़ाता है।
आयोजन से बिहार की छवि पर सकारात्मक प्रभाव
हीरो एशिया कप 2025 का आयोजन बिहार की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नए मुकाम तक पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
- इससे बिहार की पहचान सिर्फ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य खेल पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
- बड़ी संख्या में दर्शक, खिलाड़ी और विदेशी प्रतिनिधिमंडल इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
खेल संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार लगातार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। हाल ही में विभिन्न जिलों में खेल स्टेडियम, इंडोर हॉल और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
राजगीर विश्वविद्यालय परिसर को खेल शिक्षा और अनुसंधान का हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की नई पहचान
हॉकी टूर्नामेंट के इस आयोजन को लेकर बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देशभर में उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन की चर्चा हो रही है और लोग बिहार को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर देखने पर खुशी जता रहे हैं।
खेल और युवाओं के लिए सरकार की पहल
बिहार सरकार ने हाल के वर्षों में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए कई नीतियां लागू की हैं।
- खिलाड़ियों को विशेष छात्रवृत्ति, नौकरी और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
- राज्य में कई जगहों पर खेल अकादमी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही हैं।
- सरकार का मानना है कि युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें नशामुक्ति और नकारात्मक गतिविधियों से भी दूर रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों की राय
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार जैसे राज्य में एशिया कप जैसा टूर्नामेंट आयोजित होना एक बड़ा कदम है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल को देखने और सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह आयोजन आने वाले समय में बिहार में और भी बड़े खेल आयोजनों के लिए रास्ता खोलेगा।
निष्कर्ष
हीरो एशिया कप 2025 का शुभारंभ बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण है। राजगीर में आयोजित यह टूर्नामेंट न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शब्दों में—
“खेलों से जुड़कर युवा पीढ़ी आगे बढ़ेगी और बिहार का नाम रोशन करेगी।”
यह आयोजन निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में राज्य के लिए खेल क्रांति का आधार बनेगा।










