बिहार 

टोल प्लाजा पर बाइक वालों को बड़ा झटका? क्या अब देना होगा पैसा? वायरल खबर की तह तक जाकर मिली चौंकाने वाली जानकारी

On: September 26, 2025 10:38 PM
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टोल प्लाजा पर बाइक वालों को बड़ा झटका? क्या अब देना होगा पैसा? वायरल खबर की तह तक जाकर मिली चौंकाने वाली जानकारी
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वर्तमान में, राष्ट्रीय राजमार्गों पर दोपहिया वाहनों पर टोल टैक्स नहीं लगता है, और यह स्थिति बनी रहेगी। सोशल मीडिया और कुछ भ्रामक रिपोर्ट्स में 15 जुलाई, 2025 से बाइक पर भी टोल टैक्स लगने की जो खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं। देश के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी, ने स्पष्ट तौर पर घोषणा की है कि दोपहिया वाहनों को टोल टैक्स से मिलने वाली यह बड़ी राहत जारी रहेगी

​बाइक पर टोल टैक्स: कोरी अफवाह बनाम अटल हकीकत

​पिछले कुछ समय से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कुछ ऑनलाइन समाचार पोर्टल्स पर एक ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की तरह यह खबर तेज़ी से फैली थी कि अब भारत के बाइक चालकों को भी टोल का भुगतान करना होगा। इन खबरों में 15 जुलाई, 2025 जैसी एक विशिष्ट तिथि का ज़िक्र कर लोगों में बेवजह का भ्रम और चिंता पैदा कर दी गई थी। हालांकि, सरकार ने न केवल इन दावों को सिरे से खारिज किया है, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि दुपहिया वाहनों को टोल प्लाजा पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। भारत के लाखों बाइक चालकों के लिए यह एक बड़ी राहत है, जो उनके मासिक बजट को सीधे प्रभावित करती।

​केंद्रीय मंत्री का निर्णायक स्पष्टीकरण

​केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जो अपनी स्पष्टवादिता और जनहितैषी नीतियों के लिए जाने जाते हैं, ने इस संवेदनशील मुद्दे पर खुद मोर्चा संभाला है और सभी अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने कई सार्वजनिक मंचों से यह दोहराया है कि सरकार की दूर-दूर तक ऐसी कोई योजना नहीं है कि वह दुपहिया वाहनों पर टोल टैक्स लगाए।

​दरअसल, भारत में दुपहिया वाहन महज़ परिवहन का साधन नहीं हैं; वे एक विशाल वर्ग के लिए जीवनरेखा हैं, खासकर रोज़ाना काम पर जाने वाले मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए। इन पर टोल लगाना यकीनन लाखों परिवारों पर एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालता, जिसे टालने का प्रगतिशील फैसला सरकार ने लिया है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से दिखाता है कि सरकार आम नागरिक के हितों को हमेशा प्राथमिकता देती है।

​क्यों उड़ी यह बेबुनियाद अफवाह?

​यह समझना ज़रूरी है कि ऐसी अफवाहें अक्सर किसी गलतफहमी या अधूरी जानकारी से जन्म लेती हैं। ऐसा लगता है कि किसी राज्य विशेष में, जैसे कि उत्तर प्रदेश के कुछ एक्सप्रेसवे पर, दुपहिया वाहनों पर लगाए गए टोल नियम को राष्ट्रीय स्तर की नीति के रूप में गलत तरीके से प्रचारित कर दिया गया होगा। यह ध्यान रखना होगा कि एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल नियम अलग-अलग होते हैं, और एक राज्य-विशेष का नियम राष्ट्रीय राजमार्गों की नीति का पर्याय नहीं हो सकता।

​एक और संभावना यह भी हो सकती है कि सड़क रखरखाव या भीड़ कम करने के लिए भविष्य में किसी संभावित नीतिगत बदलाव की अटकलें लगाई गई हों, जिसे सीधे टोल टैक्स लागू होने की झूठी खबर के रूप में पेश कर दिया गया। मगर, वर्तमान में, केंद्र सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

​राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नीति: एक त्वरित समझ

​टोल टैक्स का मूल सिद्धांत यह है कि भारी वाहन सड़क पर अधिक टूट-फूट करते हैं, इसलिए वे सड़क के निर्माण, रखरखाव और उन्नयन की लागत का अधिक वहन करते हैं।

​इस संदर्भ में, दोपहिया वाहन अपनी हल्की प्रकृति और सड़क पर न्यूनतम प्रभाव के कारण ऐतिहासिक रूप से टोल से मुक्त रहे हैं। यह सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि कई विकासशील और विकसित देशों की एक स्थापित वैश्विक प्रथा है। भारत में यह नीति लंबे समय से एक संवहनी सुविधा के तौर पर चली आ रही है और इसमें कोई बुनियादी बदलाव नहीं किया गया है

​नागरिकों की भूमिका: हर खबर पर आँख बंद करके विश्वास न करें

​हम सभी नागरिकों के लिए यह नैतिक दायित्व है कि हम किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच करें। सोशल मीडिया आज अफवाहों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। किसी भी महत्वपूर्ण सरकारी नीतिगत बदलाव की घोषणा हमेशा आधिकारिक माध्यमों—जैसे सरकारी वेबसाइटों, PIB (प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो) के हैंडल, या विश्वसनीय राष्ट्रीय समाचार पत्रों—के माध्यम से ही की जाती है। यदि कोई खबर आपको परेशान कर रही है, तो आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि ज़रूर करें

​निष्कर्ष: निश्चिंत रहें, टोल माफ़ी जारी रहेगी

​संक्षेप में और दृढ़ता से कहें तो, भारत में बाइक पर टोल टैक्स लगाए जाने की खबर पूरी तरह से झूठी और आधारहीन है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के स्पष्ट बयान ने इस बात को पत्थर की लकीर बना दिया है कि दुपहिया वाहनों को टोल से छूट जारी रहेगी। यह फैसला दिखाता है कि सरकार समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और वह लाखों भारतीयों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव नहीं डालना चाहती है।

इसलिए, इन भ्रामक खबरों को दरकिनार करें और निश्चिंत होकर अपनी सवारी का आनंद लें।

Sachcha Samachar Desk

Sachcha Samachar Desk वेबसाइट की आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो देश और दुनिया से जुड़ी ताज़ा, तथ्य-आधारित और निष्पक्ष खबरें तैयार करती है। यह टीम विश्वसनीयता, ज़िम्मेदार पत्रकारिता और पाठकों को समय पर सही जानकारी देने के सिद्धांत पर काम करती है।

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