मुंगेर जिला अंतर्गत असरगंज थाना क्षेत्र के मासूमगंज से शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 55 वर्षीय जय किशोर यादव, जो कि सजुआ पंचायत के पैक्स अध्यक्ष थे, संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। उनकी मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक के शरीर पर कई चोट और जख्मों के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका और गहराती जा रही है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
सुबह 9 बजे हुआ राज़ से पर्दा
बताया जा रहा है कि मृतक का भतीजा रोज़ की तरह सुबह करीब 9 बजे खाना लेकर उनके कमरे में पहुंचा। उसने जब चाचा को जगाने की कोशिश की तो पाया कि उनकी मौत हो चुकी है। भतीजे ने तुरंत परिजनों और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक के छोटे भाई प्रमोद यादव, जो उसी घर में साथ रहते थे, ने पहले भतीजे को बताया कि उनके बड़े भाई की तबीयत खराब है और वे आराम कर रहे हैं। संदेह गहराने पर जब दरवाजा खोला गया तो देखा गया कि जय किशोर यादव मृत पड़े हैं और उनके शरीर पर चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना पाकर असरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए।
- मृतक के कमरे की दरवाजे की कुंडी पर खून के निशान मिले।
- छोटे भाई प्रमोद यादव के हाथों और कलाई पर भी खून के धब्बे पाए गए।
- प्रमोद यादव जिस स्थान पर सुबह स्नान कर रहे थे, वहां के लोहे के गेट और मिट्टी पर भी खून के निशान मिले।
इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक के छोटे भाई प्रमोद यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
DSP ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर तारापुर डीएसपी सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में हत्या की आशंका मजबूत हुई है। फॉरेंसिक टीम ने कई अहम साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। उन्होंने कहा कि,
“मृतक जय किशोर यादव के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। उनके कमरे की कुंडी और छोटे भाई के हाथों पर खून के धब्बे पाए गए हैं। इस आधार पर प्रमोद यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।”
डीएसपी ने आगे कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
मृतक की राजनीतिक पृष्ठभूमि
55 वर्षीय जय किशोर यादव सजुआ पंचायत के पैक्स अध्यक्ष थे और स्थानीय स्तर पर उनकी राजनीतिक पहचान भी थी। वे पिछले कई सालों से राजद (RJD) से जुड़े हुए थे। इलाके में उनकी छवि एक मिलनसार और शांत स्वभाव वाले व्यक्ति की थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। वे सामान्य जीवन जीते थे और राजनीति में भी विवादों से दूर रहते थे। ऐसे में उनकी अचानक हुई संदिग्ध मौत ने सभी को सकते में डाल दिया है।
परिवार और गांव में आक्रोश व सदमा
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। भतीजे और अन्य परिजनों का कहना है कि जय किशोर यादव अविवाहित थे और छोटे भाई प्रमोद यादव के साथ ही रहते थे।
गांववालों का मानना है कि या तो घटना के पीछे पारिवारिक विवाद हो सकता है या फिर किसी बाहरी व्यक्ति ने वारदात को अंजाम दिया हो। हालांकि पुलिस अब तक छोटे भाई की भूमिका को लेकर गंभीर शक जता रही है।
हत्या की गुत्थी सुलझाना चुनौती
फिलहाल पुलिस की जांच कई एंगल पर चल रही है—
- पारिवारिक विवाद: क्या भाईयों के बीच किसी प्रकार का विवाद चल रहा था?
- राजनीतिक दुश्मनी: स्थानीय राजनीति में सक्रिय होने के कारण क्या किसी प्रतिद्वंद्वी ने हत्या करवाई?
- बाहरी हमला: क्या रात में कोई बाहरी व्यक्ति घर में घुसा और वारदात को अंजाम दिया?
फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और हत्यारों का राज़ पूरी तरह सामने आएगा।
इलाके में दहशत और चर्चाओं का बाज़ार गर्म
मासूमगंज में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोग मानने को तैयार नहीं हैं कि जय किशोर यादव की मौत सामान्य हो सकती है। हर कोई यही कह रहा है कि इतने चोटों के निशान देखकर यह साफ है कि मामला हत्या का है।
निष्कर्ष
मुंगेर जिले का यह मामला न केवल एक संदिग्ध मौत का है, बल्कि इसमें राजनीतिक और पारिवारिक पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने छोटे भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और एफएसएल टीम ने कई अहम साक्ष्य इकट्ठा किए हैं।
अगले कुछ दिनों में पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि पैक्स अध्यक्ष जय किशोर यादव की मौत वास्तव में हत्या थी या कोई अन्य वजह।
इलाके के लोग इस राज़ से पर्दा उठने का इंतज़ार कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन पर भरोसा जता रहे हैं कि दोषियों को सख्त सज़ा मिलेगी।








