बिहार के मुंगेर में इस साल दशहरा का पर्व एक बार फिर ऐतिहासिक पोलो मैदान में एक भव्य और यादगार रावण वध कार्यक्रम के साथ मनाया जाएगा। यह आयोजन न सिर्फ जिले के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि वर्षों पुरानी संस्कृति और परंपरा को भी जीवंत करता है। इस महाआयोजन की तैयारी ज़ोरों पर है। इसकी महत्ता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर न छोड़ने का फ़ैसला किया है। इसी क्रम में, मुंगेर के जिलाधिकारी (DM) निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद ने खुद अपनी टीम के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। इस साल 2 अक्टूबर 2025 को संध्या 6 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह है।
नवरात्रि के बीच, कैसी चल रही है भव्य रावण वध की तैयारी?
नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान पूरे मुंगेर में भक्ति और उत्साह का माहौल है। जगह-जगह मां दुर्गा के पंडाल सज रहे हैं और ज़िले में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी, विजय दशमी के दिन असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक रावण वध का आयोजन मुंगेर के सबसे बड़े और ऐतिहासिक स्थल पोलो मैदान में किया जाएगा। यह कार्यक्रम वर्षों से रामलीला मैदान दुर्गा स्थान ट्रस्ट समिति के तत्वावधान में आयोजित होता रहा है, जिसमें इस बार भी शहर के कई प्रमुख संगठन जैसे मुंगेर युवा मंच और मारवाड़ी युवा मंच सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
प्रशासन ने क्यों लिया जायजा? सुरक्षा है सर्वोच्च प्राथमिकता
पोलो मैदान में होने वाला यह रावण दहन कार्यक्रम मुंगेर ज़िले का सबसे बड़ा सार्वजनिक आयोजन होता है, जिसमें मुंगेर शहर के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों से भी हज़ारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा को सुनिश्चित करना ज़िला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- निरीक्षण का उद्देश्य: जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का पोलो मैदान का दौरा ग्राउंड-जीरो पर सुरक्षा, व्यवस्था और यातायात के इंतजामों को देखने के लिए था।
- अधिकारियों की मौजूदगी: डीएम-एसपी के साथ अन्य ज़िला स्तरीय अधिकारी, पुलिस बल और ट्रस्ट समिति के सदस्य भी मौजूद थे।
- स्पष्ट निर्देश: जिलाधिकारी निखिल धनराज ने साफ शब्दों में कहा है कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भीड़ की सुरक्षा सर्वोपरि है।
पोलो मैदान में होंगे ‘कड़े और अभूतपूर्व’ सुरक्षा इंतजाम
किसी भी बड़े आयोजन की सफलता उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। मुंगेर प्रशासन इस बात को भली-भाँति जानता है। पिछली बार के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा चक्र को और मजबूत किया जा रहा है।
मुख्य सुरक्षा व्यवस्था की योजना:
- पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती:
- मैदान के चप्पे-चप्पे पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
- सादे लिबास में भी महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की टीम भीड़ के बीच नज़र रखेगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
- महिला सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
- हाई-टेक निगरानी:
- पूरे कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जा रही है। इनकी फुटेज को एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से लगातार मॉनिटर किया जाएगा।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लेने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैयार रहेगी।
- यातायात नियंत्रण:
- रावण दहन के दौरान पोलो मैदान की ओर आने वाले सभी मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया जाएगा।
- वाहनों की पार्किंग के लिए अलग और सुरक्षित स्थान निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति न बने।
- प्रवेश और निकास द्वार:
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे। इन द्वारों पर मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था हो सकती है।
- आपातकालीन निकास मार्ग को पूरी तरह से खुला और चिह्नित (Marked) रखा जाएगा।
- स्वास्थ्य और अग्निशमन:
- कार्यक्रम स्थल पर प्राथमिक उपचार केंद्र (First Aid Post) और डॉक्टरों की एक टीम मौजूद रहेगी।
- किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन दल (Fire Brigade) की गाड़ियां और कर्मी तैनात रहेंगे।
रावण वध कार्यक्रम की रूपरेखा: क्या होगा खास?
रामलीला मैदान दुर्गा स्थान ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण कुमार अग्रवाल और अध्यक्ष हरिश्चंद्र कुमार डोकानिया ने बताया कि इस वर्ष भी कार्यक्रम को पूरी धूमधाम और पारंपरिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।
- मंच निर्माण: भव्य रामलीला और रावण वध के प्रदर्शन के लिए एक आकर्षक और मजबूत मंच (Stage) तैयार किया जा रहा है।
- रावण का पुतला: इस बार भी रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतले बनाए जा रहे हैं जो आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगे। इनकी ऊंचाई और कलाकारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- बैठने की व्यवस्था: दर्शकों के लिए मैदान में व्यवस्थित तरीके से बैठने की व्यवस्था की जा रही है, खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग खंड (Section) बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुंगेर का दशहरा: सिर्फ एक त्योहार नहीं, आस्था और एकता का प्रतीक
मुंगेर में पोलो मैदान का यह रावण दहन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है। यह ज़िले की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामुदायिक एकता का शानदार उदाहरण है।
- पारंपरिक आयोजन: यह कार्यक्रम वर्षों पुरानी रामलीला परंपरा को आगे बढ़ाता है।
- सामाजिक सहयोग: ट्रस्ट के सदस्यों के साथ-साथ मुंगेर युवा मंच और मारवाड़ी युवा मंच जैसे संगठन वर्षों से निःस्वार्थ भाव से इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहते हैं।
- असत्य पर सत्य की विजय: दशहरे का मूल संदेश है बुराई पर अच्छाई की जीत।
जिलाधिकारी की अपील और सार्वजनिक घोषणाएँ
डीएम निखिल धनराज ने मुंगेरवासियों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से इस कार्यक्रम में भाग लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सार्वजनिक घोषणाएँ:
- कृपया बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- सुरक्षा बैरिकेड्स (Barricades) का उल्लंघन न करें।
- पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान का ही उपयोग करें।
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या स्वयंसेवक (Volunteer) को सूचित करें।
इस साल, प्रशासन और ट्रस्ट की संयुक्त तैयारियों से यह स्पष्ट है कि मुंगेर एक बार फिर यादगार दशहरा मनाने के लिए तैयार है। मुंगेर के लोग अब बस 2 अक्टूबर 2025 की शाम का इंतज़ार कर रहे हैं, जब पोलो मैदान में प्रभु श्रीराम के जयघोष के साथ रावण के अहंकार का पुतला धू-धू कर जलेगा।
क्या आप मुंगेर के इस भव्य आयोजन से जुड़ी कोई खास याद या अनुभव साझा करना चाहेंगे?








