बिहार 

मुंगेर किला का उत्तरी द्वार बंद करने पर स्थानीय लोगों का जोरदार विरोध, ठेकेदार खदेड़े गए

On: September 17, 2025 9:22 PM
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मुंगेर किला का उत्तरी द्वार बंद करने पर स्थानीय लोगों का जोरदार विरोध, ठेकेदार खदेड़े गए
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मुंगेर के ऐतिहासिक धरोहर मुंगेर किला के उत्तरी द्वार को बंद करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए ठेकेदारों को स्थानीय लोगों ने जबरदस्त विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा। प्रशासन का कहना था कि यह कदम सुरक्षा दृष्टिकोण से आवश्यक है, क्योंकि द्वार लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका तर्क है कि त्योहारों और पर्वों के दौरान द्वार बंद होने से आमजन को काफी परेशानी होगी, खासकर गंगानगर, लाल दरवाजा और आसपास के मोहल्लों के लोगों को।


प्रशासन का सुरक्षा दृष्टिकोण

जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने बताया कि किला का उत्तरी द्वार लंबे समय से जर्जर है। यदि इसे समय रहते बंद नहीं किया गया, तो बड़ी दुर्घटना की संभावना है।

“सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। द्वार जर्जर होने के कारण किसी भी समय हादसा हो सकता है। इसलिए प्रशासन ने भवन निर्माण विभाग के माध्यम से ठेकेदारों को द्वार बंद करने का आदेश दिया था।”
– विश्वस्त सूत्र


स्थानीय लोगों की परेशानी और विरोध

स्थानीय लोग कहते हैं कि द्वार बंद होने से उनके आने-जाने में भारी दिक्कत होगी। पर्व-त्योहार के समय किला और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ रहती है।

विशेषकर विजय दशमी और गंगा स्नान के दौरान, दूर-दूर से लोग आते हैं। अगर रास्ता बंद रहा, तो उन्हें लंबा चक्कर लगाकर बाजार और धार्मिक स्थलों तक जाना पड़ेगा।

स्थानीय महिला पूनम देवी ने कहा:

“रास्ता बंद हो जाएगा तो बहुत परेशानी होगी। बच्चे स्कूल और कोचिंग जाते हैं, हम अस्पताल और बाजार कैसे पहुंचेंगे। पहले वैकल्पिक रास्ता दिया जाए, उसके बाद ही द्वार बंद किया जाना चाहिए।”

स्थानीय पार्षद अंशु बाला ने भी लोगों के समर्थन में कहा कि प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित करना चाहिए, तभी यह कदम उठाया जाए।


ठेकेदारों को खदेड़ने की घटना

ठेकेदार जो भवन निर्माण विभाग से इस काम के लिए भेजे गए थे, उन्होंने प्रशासन के आदेश के तहत किला का उत्तरी द्वार बंद करने की कोशिश की।

लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध और आक्रोश के कारण ठेकेदार लौटने को मजबूर हो गए

स्थानीयों का कहना है कि यह द्वार उनके रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। विशेषकर पर्वों के दौरान यह मार्ग सभी के लिए उपयोगी होता है।


पर्व और त्यौहारों पर असर

मुंगेर में आने वाले प्रमुख पर्व और त्यौहार जैसे:

  • विजय दशमी
  • छठ पूजा
  • दिवाली

इन अवसरों पर दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। यदि उत्तरी द्वार बंद हो जाता है, तो इनकी यात्रा बाधित होगी

स्थानीय व्यापारी और नागरिक भी कहते हैं कि बंद रास्ता बाजार और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में कठिनाई पैदा करेगा।


प्रशासन और स्थानीयों के बीच संतुलन

जिला प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा है। उनका कहना है कि किला का जर्जर द्वार किसी भी समय गिर सकता है, इसलिए इसे समय रहते बंद करना जरूरी है।

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रवेश मार्ग के वैकल्पिक विकल्प दिए बिना द्वार बंद करना उनके लिए मुश्किल पैदा करेगा।

“हम प्रशासन को समझते हैं कि सुरक्षा जरूरी है। लेकिन कृपया वैकल्पिक रास्ता पहले सुनिश्चित करें। फिर ही द्वार बंद किया जाए।”
– स्थानीय नागरिक


बुलेट पॉइंट्स: स्थिति की पूरी जानकारी

  • मुंगेर किला का उत्तरी द्वार लंबे समय से जर्जर स्थिति में है।
  • जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से द्वार बंद करने का निर्णय लिया।
  • ठेकेदार द्वार बंद करने गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध से वापस लौट गए।
  • स्थानीय लोग त्योहारों और रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली परेशानी की बात कर रहे हैं।
  • प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित करने का मुद्दा है।

निष्कर्ष

मुंगेर किला का उत्तरी द्वार बंद करने का मामला स्थानीय विरोध और सुरक्षा कारणों के बीच संतुलन की लड़ाई बन गया है।

स्थानीय लोग चाहते हैं कि त्योहारों और रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान मार्ग खुला रहे। वहीं प्रशासन का कहना है कि जर्जर द्वार किसी भी समय खतरा बन सकता है, इसलिए इसे समय रहते बंद करना जरूरी है।

इस मुद्दे का समाधान तभी संभव है जब प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर वैकल्पिक मार्ग तय करें, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

Sachcha Samachar Desk

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