मुंगेर, बिहार: मुंगेर जिले के सफियाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरदा गांव में कब्रिस्तान की जमीन की घेराबंदी को लेकर दो समुदायों के बीच बड़ा विवाद सामने आया है। यह विवाद बुधवार सुबह इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर झड़प, पथराव और गोलीबारी हुई, जिसमें कम से कम दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में एक को गोली लगी है, जबकि दूसरे को गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करते हुए 20 से 22 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
जमीनी विवाद ने लिया हिंसक रूप: फरदा गांव में तनाव का माहौल
सफिया सराय थाना क्षेत्र के फरदा में कब्रिस्तान की जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाने को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच तनाव था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार की सुबह यह विवाद हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों ओर से लोग लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों के साथ आमने-सामने आ गए। इस दौरान माहौल इतना बिगड़ा कि कुछ उपद्रवियों ने गोलीबारी भी शुरू कर दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
गंगा स्नान कर लौट रहे युवक को लगी गोली
इस हिंसक झड़प के बीच एक युवक अंकुश कुमार घायल हो गया। अंकुश के पैर में गोली लगी है। जानकारी के मुताबिक, अंकुश उस समय गंगा स्नान करके अपने घर लौट रहा था, जब वह इस गोलीबारी की चपेट में आ गया। गोली लगने से वह बुरी तरह जख्मी हो गया।
तत्काल उसे इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
पेट्रोल पंप पर भी मारपीट की घटना
झड़प के दौरान मारपीट की एक अन्य घटना भी सामने आई है। घायल हुए एक स्थानीय व्यक्ति मोहम्मद रबान ने बताया कि वह पेट्रोल लेने पेट्रोल पंप पर गया था। वहां दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने पेट्रोल पंप में घुसकर उसकी पिटाई कर दी। मोहम्मद रबान ने बताया कि हमलावरों ने उसे राइफल के बट से मारा, जिससे उसके शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। उनका कहना था कि ये सब उसी कब्रिस्तान के घेराव के झगड़े को लेकर हुआ।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ झड़प का वीडियो
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को गालियां दे रहे हैं, पथराव कर रहे हैं और खुलेआम गोलीबारी भी कर रहे हैं। इस फुटेज को पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने कब्जे में लिया है।
घायल अंकुश और मोहम्मद रबान का बयान
गोली लगने से घायल हुए अंकुश कुमार ने बताया कि वह दिल्ली से आए थे और सुबह गंगा स्नान करने गए थे। लौटते समय गोली लगने से वह घायल हो गए। उन्होंने गोली चलाने वालों को पहचानने से इनकार किया, लेकिन इतना ज़रूर बताया कि उस तरफ से अंदाज़न 10 राउंड से ज़्यादा गोलियां चलीं।
वहीं, मारपीट में घायल मोहम्मद रबान ने बताया कि वह कोई झगड़ा नहीं कर रहे थे, बस तेल डलवाने गए थे। अचानक उन पर हमला कर दिया गया। उन्होंने भी बताया कि उसी तरफ़ से चार-पांच राउंड फायरिंग हुई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 22 उपद्रवी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सदर एसडीपीओ अपनी टीम और आसपास के थानों के पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया और तुरंत कार्रवाई शुरू की।
मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद खुद घटनास्थल पर पहुंचे और लगातार कैंप किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के बीच हुए इस झगड़े में शामिल करीब 20 से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने यह भी पुष्टि की है कि वीडियोग्राफिक साक्ष्यों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर गोली चलने की बात सही है और एक व्यक्ति को पैर में गोली भी लगी है।
मुंगेर बना पुलिस छावनी: शांति बहाली के प्रयास जारी
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि इलाके में किसी भी तरह के नए तनाव को रोकने के लिए फरदा गांव को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। घटनास्थल पर एसपी समेत कई थानों की पुलिस और लाइन का फ़ोर्स (फोर्स) लगातार कैंप कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण (Situation Control) में है और पूरी तरह से सामान्य (Peaceful) है। पुलिस वीडियो फुटेज में दिख रहे बाकी उपद्रवियों की पहचान कर रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों के साथ बैठक कर रही है ताकि इलाके में विधि व्यवस्था बनी रहे और शांति बहाल हो सके।
मौजूदा स्थिति:
मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए 22 लोगों पर उचित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस की गश्त जारी है। घायलों का इलाज चल रहा है, और पुलिस फिलहाल किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में निष्पक्ष और सख़्त कार्रवाई कर रहे हैं।








