मुंगेर, बिहार। रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना में बिहार की मुंगेर पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी ही सगी नाबालिग बेटियों का यौन शोषण करने के दोषी पिता को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा दी है। दोषी व्यक्ति पूर्व में सीआरपीएफ (CRPF) का जवान रह चुका है और देश की प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई एनएसजी (NSG) में भी सेवाएं दे चुका है।
कोर्ट का सख्त फैसला और जुर्माना
मुंगेर न्याय मंडल के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रदीप कुमार चौधरी की अदालत ने सोमवार को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को न केवल उम्रकैद की सजा दी, बल्कि उस पर 30 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यदि वह यह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2022 का है और मुंगेर के जमालपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस जांच और कोर्ट की सुनवाई में सामने आया कि आरोपी पिता अपनी ही बेटियों को होटल ले जाकर उनके साथ गलत काम करता था। इस घिनौनी करतूत का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की पत्नी (पीड़ित बच्चियों की मां) ने हिम्मत दिखाई और अपने पति के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद जमालपुर पुलिस ने तत्परता दिखाई और एक होटल में छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने पर्याप्त सबूत जुटाए और अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
गवाहों और सबूतों ने पुख्ता किया दोष
विशेष लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि इस मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों को पेश किया गया। सभी गवाहों के बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 24 फरवरी को ही उसे दोषी करार दे दिया था, जिसकी सजा का ऐलान अब किया गया है।
रक्षक ही बना भक्षक
हैरानी की बात यह है कि दोषी व्यक्ति कानून और सुरक्षा की शपथ लेने वाला एक पूर्व सैनिक था। वह सीआरपीएफ और एनएसजी जैसी संस्थाओं का हिस्सा रह चुका था, जिनका काम समाज की रक्षा करना होता है। लेकिन अपनी ही बेटियों के साथ की गई इस हैवानियत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
नोट: यह समाचार रिपोर्ट पूरी तरह से उपलब्ध न्यायिक तथ्यों पर आधारित है। यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़ितों की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है, इसलिए उनकी निजता का पूरा ध्यान रखा गया है।









