मोतिहारी (अमरजीत सिंह): बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में परिवार नियोजन और मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 10 महिलाओं का सुरक्षित बंध्याकरण ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
डॉ. अनुपम प्रसाद के नेतृत्व में हुआ ऑपरेशन
यह पूरा कार्यक्रम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद की देखरेख में आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में परिवार नियोजन के संदेश को घर-घर पहुँचाना है। शिविर के दौरान सभी चिकित्सा मानकों का पालन करते हुए ऑपरेशन किए गए।
सुरक्षित और प्रभावी है बंध्याकरण
डॉ. अनुपम प्रसाद ने महिलाओं और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार को संतुलित रखने के लिए बंध्याकरण एक बेहद सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। इससे न केवल जनसंख्या नियंत्रण में मदद मिलती है, बल्कि माँ के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
”नियमित रूप से इस तरह के शिविर आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना और उन्हें छोटे परिवार के लाभों के प्रति जागरूक करना है।”
— डॉ. अनुपम प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
मरीजों को मिली मुफ्त दवाएं और परामर्श
ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रशासन ने सभी लाभार्थी महिलाओं की विशेष देखभाल सुनिश्चित की। डॉक्टरों द्वारा उन्हें निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की गईं:
- दवा वितरण: पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी के लिए सभी जरूरी दवाएं मुफ्त दी गईं।
- विशेष परामर्श: रिकवरी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और खान-पान की जानकारी दी गई।
- अनुवर्ती जांच: घर जाने के बाद भी किसी समस्या पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी गई।
जागरूकता बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की टीम गाँव-गाँव जाकर लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों के बारे में जानकारी दे रही है। मझौलिया स्वास्थ्य केंद्र का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक लोग इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें और एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।






