मोतिहारी, बिहार। बिहार में इस साल अप्रैल महीने से ही भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) और बिहार मौसम सेवा केंद्र, पटना के अलर्ट को देखते हुए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर समाहर्ता (ADM) मुकेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगजनी और लू से बचाव की तैयारियों का खाका खींचा गया।
अस्पतालों में ‘कूलिंग रूम’ और विशेष बेड तैयार
भीषण गर्मी के दौरान लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। सदर अस्पताल और सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में कूलिंग रूम और विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। एडीएम ने सिविल सर्जन को स्पष्ट कहा है कि सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS) के पैकेट और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।
खराब चापाकालों की मरम्मत और पानी की व्यवस्था
गर्मी में पेयजल संकट न हो, इसके लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने कमर कस ली है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार:
- जिले में खराब चापाकालों को ठीक करने के लिए ‘धावादल’ (स्पेशल टीम) का गठन किया गया है।
- 50 नए चापाकालों की स्थापना की प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है, जिस पर काम शुरू किया जा रहा है।
- नगर निकायों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्याऊ और आश्रय स्थलों पर पानी के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
आगजनी की घटनाओं पर सख्ती और तत्काल राहत
वर्तमान में जिले में आग लगने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। जिला प्रशासन ने पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए सख्त समय सीमा तय की है।
मुख्य राहत उपाय: आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के अनुसार, आगजनी के पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता (GR और वस्त्र-बर्तन हेतु) प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मकान के नुकसान का मुआवजा भी तत्काल दिया जाएगा।
अग्निशमन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने और राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। सभी अंचलाधिकारी (CO) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखें।
पशुधन और कामगारों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में न केवल इंसानों बल्कि पशुधन की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के समय और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई ताकि बच्चे लू से सुरक्षित रहें। साथ ही, खुले में काम करने वाले दैनिक कामगारों के लिए भी बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त आशीष कुमार, सदर एसडीओ निशांत सिहारा, अरेराज एसडीओ अंजली शर्मा और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






