बिहार के मोतिहारी में हाल ही में हुई जहरीली शराब की घटना ने एक बार फिर राज्य की शराबबंदी नीति पर बहस छेड़ दी है। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सांत्वना देने के लिए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह मोतिहारी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए इंसाफ का भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक मदद
सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने रघुनाथपुर बालगंगा, गदरिया, मुसहरी टोला और शंकरसरैया सहित कई प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मृतक लड्डू शाह और संपत शाह की पत्नियों, ललिता देवी और लीलावती देवी से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सहायता का हाथ: सांसद ने शोक संतप्त परिवारों को 10-10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक मदद दी और आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी उनकी हरसंभव सहायता करेंगे।
’बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल’
परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश सिंह ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए एक दशक बीत चुका है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके उलट है।
- मिलीभगत के आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और अवैध कारोबारियों के बीच गठजोड़ के कारण शराब का धंधा फल-फूल रहा है।
- कानून पर सवाल: सांसद ने कहा कि चारों तरफ शराब की उपलब्धता यह साबित करती है कि शराबबंदी का मिशन पूरी तरह विफल रहा है।
राज्यपाल से मुलाकात और आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस गंभीर मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है। उन्होंने आगे की रणनीति साझा करते हुए बताया:
- राज्यपाल से मुलाकात: इस पूरे मामले और कानून-व्यवस्था की विफलता को लेकर वह जल्द ही बिहार के राज्यपाल से मिलेंगे।
- सदन से सड़क तक विरोध: पार्टी इस मुद्दे को लेकर विधानसभा और संसद के साथ-साथ सड़क पर भी आंदोलन करेगी।
- जन-जागरूकता अभियान: उन्होंने स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे गांवों में जाएं और लोगों को अवैध शराब के खतरों के प्रति जागरूक करें।






