पूर्वी चंपारण जिले के शिक्षा जगत के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (MCE) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन ‘NCACE – National Conference on Advances in Civil Engineering’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय आयोजन का मुख्य केंद्र सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हो रहे नए बदलाव और आधुनिक निर्माण तकनीकें हैं।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ विधिवत उद्घाटन
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज परिसर में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल (IAS) और विशिष्ट अतिथि के रूप में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय श्रीवास्तव मौजूद रहे। उनके साथ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार और आयोजन समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर सम्मेलन की शुरुआत की।
भविष्य के निर्माण के लिए नवाचार जरूरी: प्राचार्य
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय सम्मेलन शोध और व्यावहारिक अनुभवों को साझा करने का सबसे बड़ा जरिया हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहाँ होने वाली चर्चाओं से भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
विशेषज्ञों ने साझा किए अपने विचार
सम्मेलन के दौरान मुख्य वक्ताओं ने सिविल इंजीनियरिंग की वर्तमान चुनौतियों और समाधानों पर प्रकाश डाला:
- प्रो. (डॉ.) संजय श्रीवास्तव (कुलपति): उन्होंने कहा कि देश में जिस तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है, उसे देखते हुए नई तकनीकों और शोध को अपनाना समय की मांग है। उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।
- सौरभ जोरवाल (जिलाधिकारी): डीएम ने छात्रों की रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक भारत को मजबूत बनाने के लिए नई इंजीनियरिंग पद्धतियों को जमीनी स्तर पर उतारना आवश्यक है।
इन दिग्गजों के नेतृत्व में हो रहा आयोजन
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का सफल संचालन डॉ. नीरज कुमार, अनिल कुमार और छोटू कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी आशीष कुमार पाठक, मो. अरमान अली, गौसुल आजम अंसारी और सुशांत कुमार सहित विभाग के सभी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
क्या है इस सम्मेलन का उद्देश्य?
’NCACE’ का प्राथमिक उद्देश्य शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ वे:
- निर्माण क्षेत्र के नए सॉफ्टवेयर और तकनीकों पर चर्चा कर सकें।
- अपने रिसर्च पेपर (शोधपत्र) प्रस्तुत कर सकें।
- विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर इंडस्ट्री की जरूरतों को समझ सकें।
यह सम्मेलन न केवल छात्रों के ज्ञानवर्धन के लिए जरूरी है, बल्कि बिहार में तकनीकी शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की एक प्रभावी कोशिश भी है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।
संपादन: कंटेंट टीम, सच्चा समाचार।







