मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण। जिला प्रशासन पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में 24 मार्च 2026 को मोतिहारी के डॉ. राधाकृष्णन भवन में जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर हुई इस बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) ने की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और मैनुअल स्कैवेंजर पुनर्वास अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन रहा।
पीड़ितों को आर्थिक मदद: 240 मामलों में मुआवजा जारी
बैठक के दौरान साझा की गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 240 मामलों में पीड़ितों को मुआवजे की पहली किस्त का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ पीड़ितों को आर्थिक सहारा भी समय पर मिले।
मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी की अनुशंसा
समीक्षा के दौरान एक विशेष मामले का जिक्र किया गया, जिसमें हत्या के एक मामले में मृतक की आश्रित पत्नी रागिनी कुमारी को परिचारी (Attendant) के पद पर सरकारी नौकरी देने की अनुशंसा की गई है। यह कदम पीड़ित परिवार के पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस को सख्त निर्देश: 60 दिनों में दाखिल करें चार्जशीट
अपर समाहर्ता ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी थानाध्यक्षों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि:
- SC-ST एक्ट से जुड़े मामलों में हर हाल में 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र (Charge Sheet) कोर्ट में दाखिल किया जाए।
- पुराने लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा कर रिपोर्ट पेश की जाए।
- जांच में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
52 परिवारों को मिल रही है नियमित पेंशन
सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए समिति ने बताया कि जिले के 52 ऐसे मामलों में, जहाँ परिवार के सदस्य की मृत्यु हुई है, उनके आश्रितों को हर महीने पेंशन की राशि का भुगतान किया जा रहा है। इससे उन परिवारों को अपना जीवनयापन करने में मदद मिल रही है।
बैठक में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जाँच), जिला कल्याण पदाधिकारी, डीएसपी मुख्यालय, एससी-एसटी थाना अध्यक्ष, सुगौली विधायक के प्रतिनिधि और समिति के अन्य सम्मानित सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पीड़ितों के हितों की रक्षा करने और कानून का सख्ती से पालन करने की बात कही।






