बिहार 

मोतिहारी: उर्वरक की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 52 दुकानों पर छापेमारी और 6 पर FIR दर्ज

On: April 6, 2026 11:31 PM
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बिहार के पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को सही समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में खाद की दुकानों पर औचक छापेमारी की।

​52 खाद दुकानों की सघन जांच

​खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीमों ने जिले के सीमावर्ती इलाकों सहित अन्य प्रखंडों में कुल 52 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

​इस जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को निर्धारित दाम पर और पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने दुकान की पॉस (PoS) मशीन में दर्ज स्टॉक और गोदाम में मौजूद असल स्टॉक का मिलान किया।

​इन 6 दुकानों पर दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR)

​जांच के दौरान 6 दुकानों में स्टॉक और बिक्री में भारी अनियमितता पाई गई। इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन के आरोप में संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है:

  • आदापुर प्रखंड: मेसर्स विजय खाद भंडार।
  • घोड़ासहन प्रखंड: मेसर्स ओम साईं कृषि सेवा केंद्र (चम्पापुर कोईरिया) और मेसर्स विकास खाद बीज भंडार।
  • छौड़ादानों प्रखंड: मेसर्स सिद्धि खाद भंडार और मेसर्स जय माता दी ट्रेडर्स (धरहरी)।
  • बनकटवा प्रखंड: यहां एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

​लाइसेंस रद्द, प्रशासन की सख्त चेतावनी

​जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन दुकानों पर गड़बड़ी मिली है, उनके लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा।

​”किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी सूरत में कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

मनीष कुमार सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी

 

संदर्भ: यह कार्रवाई खाद की जमाखोरी रोकने और सरकारी दरों पर किसानों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए की गई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खाद खरीदते समय हमेशा पक्का बिल जरूर लें।

Sachcha Samachar Desk

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