मोतिहारी (बिहार): गर्मी की आहट के साथ ही बिहार के मोतिहारी में ‘एईएस’ (AES) यानी चमकी बुखार और मस्तिष्क ज्वर का खतरा मंडराने लगा है। बच्चों को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। गुरुवार को सदर अस्पताल के जीएनएम भवन में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों को बीमारी से निपटने के गुर सिखाए गए।
स्वास्थ्यकर्मियों को सिखाए गए इलाज और बचाव के तरीके
सदर अस्पताल के पीकू (PICU) इंचार्ज डॉ. पंकज और डॉ. फिरोज आलम के नेतृत्व में आयोजित इस एकदिवसीय प्रशिक्षण में कुल 85 जीएनएम, एएनएम, सीएचओ और स्टाफ नर्सों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि अगर समय रहते लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो बच्चे की जान बचाना आसान हो जाता है। डॉ. पंकज ने जोर देते हुए कहा, “चमकी बुखार के लक्षण दिखते ही बिना एक पल गंवाए बच्चे को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए। देरी करना घातक साबित हो सकता है।”
अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शरत चंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस (ORS) और पैरासिटामोल जैसी जरूरी दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर समय दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखें।
माता-पिता इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
चमकी बुखार बच्चों के लिए बेहद संवेदनशील होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित लक्षण दिखने पर तुरंत सतर्क हो जाएं:
- 5 से 7 दिनों से लगातार तेज बुखार रहना।
- पूरे शरीर में चमकी (झटके) आना या हाथ-पैरों में थरथराहट होना।
- बच्चे का मानसिक संतुलन बिगड़ना या बेहोशी छाना।
- शरीर के किसी खास अंग में लकवा जैसा महसूस होना।
बचाव के 5 आसान और जरूरी उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका पालन करके बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है:
- रात में भूखा न सुलाएं: बच्चों को रात में भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं। संभव हो तो रात में कुछ मीठा जरूर दें।
- धूप से बचाव: बच्चों को कड़ी धूप में बाहर न जाने दें।
- साफ-सफाई: दिन में कम से कम दो बार बच्चों को नहलाएं और स्वच्छता का ध्यान रखें।
- पानी का सेवन: बच्चों को समय-समय पर ओआरएस, नींबू-पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाते रहें।
- अंधविश्वास से दूर रहें: बीमारी होने पर ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें, सीधे डॉक्टर के पास जाएं।
आपातकालीन स्थिति के लिए महत्वपूर्ण नंबर
सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में 24 घंटे मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए इन नंबरों का उपयोग करें:
- निशुल्क एम्बुलेंस सेवा: 102
- स्वास्थ्य सलाह एवं शिकायत: 104
28 फरवरी को जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा ताकि पूरे जिले में इलाज की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।






