बिहार सरकार की ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा धरातल पर सच साबित हो रही है। पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले में एक किसान को अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए जब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े, तो ‘बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015’ उनके लिए उम्मीद की किरण बना।
क्या है पूरा मामला?
पूर्वी चम्पारण जिले के पहाड़पुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम सरयब वृति टोला के निवासी राम आश्रय साह ने सरेया प्रताप टोला पैक्स को अपना धान बेचा था। किसान का आरोप था कि धान की बिक्री के बावजूद पैक्स अध्यक्ष द्वारा उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब राशि नहीं मिली, तो उन्होंने हार मानने के बजाय कानून का सहारा लिया।
राम आश्रय साह ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय, पूर्वी चम्पारण में ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत (परिवाद संख्या: 9999601110326626819) दर्ज कराई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समाधान
शिकायत मिलते ही जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया। लोक प्राधिकार जिला सहकारिता पदाधिकारी, मोतिहारी को नोटिस जारी कर इस मामले में स्पष्टीकरण और निवारण प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।
प्रशासनिक दबाव और कानूनी प्रक्रिया के असर से मामले का त्वरित समाधान निकला। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने रिपोर्ट (पत्रांक-19, दिनांक 24.03.2026) के माध्यम से सूचित किया कि:
- किसान द्वारा कुल 96.8 क्विंटल धान पैक्स को बेचा गया था।
- इसकी कुल बकाया राशि 2,31,739.2 रुपये बनती थी।
- यह पूरी राशि अब सीधे किसान के बैंक खाते (SBI, दुधियावां शाखा) में सफलतापूर्वक भेज दी गई है।
सुशासन और पारदर्शिता का प्रतीक
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 आज राज्य के आम नागरिकों के लिए एक सशक्त हथियार बन गया है। इस कानून की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि:
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- बिना बिचौलिए के समाधान: नागरिक सीधे अपनी बात सरकार तक पहुँचा सकते हैं।
- समय-सीमा तय: अधिकारी एक निश्चित समय के भीतर समस्या का समाधान करने के लिए जवाबदेह हैं।
- पारदर्शिता: हर कदम पर शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी मिलती है।
विशेष नोट: यदि आपकी भी कोई सरकारी सेवा से जुड़ी शिकायत है, तो आप भी जिला लोक शिकायत निवारण केंद्र में आवेदन कर न्याय पा सकते हैं। यह व्यवस्था सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त समाज की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी (बिहार)






