बिहार 

मोतिहारी: पैक्स को हाई-टेक बनाने की कवायद, जिलाधिकारी ने कार्यशाला का किया उद्घाटन

On: March 13, 2026 8:04 PM
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बिहार के मोतिहारी में सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने और पैक्स (PACS) को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को स्थानीय महात्मा गांधी प्रेक्षा गृह में पैक्स एवं व्यापार मंडल के अध्यक्षों और प्रबंधकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

​इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

​पैक्स को बहु-उद्देशीय बनाने पर जोर

​कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पैक्स और व्यापार मंडलों की कार्यक्षमता को बढ़ाना और उन्हें केवल अनाज खरीद तक सीमित न रखकर बहु-आयामी (Multi-purpose) संस्था के रूप में विकसित करना था। जिलाधिकारी ने इस दौरान सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता पर विशेष बल दिया।

​इन 7 मुख्य बिंदुओं पर दिया गया प्रशिक्षण

​प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिले भर से आए लगभग 350 पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों को निम्नलिखित विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई:

  1. दायित्व और जिम्मेदारी: अध्यक्ष और प्रबंधकों के कानूनी और प्रशासनिक कर्तव्य।
  2. निर्वाचन प्रक्रिया: चुनाव से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी।
  3. बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन: पैक्स को बैंकिंग व्यवसाय से जोड़ने की तकनीक।
  4. लेखा और ऑडिट: हिसाब-किताब को सही रखने और ऑडिट (अंकेक्षण) की बारीकियां।
  5. मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव: समितियों की सदस्यता और उनके लाभ।
  6. डिजिटलाइजेशन: पैक्स का कंप्यूटराइजेशन और ERP (Enterprise Resource Planning) पोर्टल पर डेटा एंट्री।
  7. व्यावसायिक विविधीकरण: पैक्स को नए व्यवसायों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना।

​विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

​कार्यशाला में जिले के प्रमुख अधिकारियों और विशेषज्ञों ने ट्रेनर के रूप में अपनी बात रखी। जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रिंस अनुपम सिंह और प्रबंध निदेशक आकिब जावेद ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।

​वहीं, वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी मधुकांत ठाकुर, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अमित कुमार और सीएससी (CSC) के जिला प्रबंधक जटाशंकर कुमार ने तकनीकी विषयों और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं पर प्रस्तुति दी।

अतिरिक्त संदर्भ: पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) ग्रामीण स्तर पर किसानों की सबसे महत्वपूर्ण संस्था होती है। सरकार अब इन्हें ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ के रूप में भी विकसित कर रही है, ताकि गांवों में ही बैंकिंग और अन्य सरकारी सेवाएं मिल सकें।

रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी

संपादन: कंटेंट टीम

Sachcha Samachar Desk

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