मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण): जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से ‘बिहार शिक्षा परियोजना’ द्वारा एक विशेष जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी (DM) सौरभ जोरवाल ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जिले के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी और अधिकारियों ने किया कार्यशाला का उद्घाटन
मोतिहारी के एक स्थानीय सभागार में आयोजित इस एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन कुमार गिरि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान जिले के प्रखंड स्तरीय शिक्षा पदाधिकारी और कई कर्मी मौजूद रहे।
अप्रैल के पहले दो हफ्तों में होगा स्कूलों का बड़ा निरीक्षण
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश देते हुए कहा कि अप्रैल 2026 के पहले दो सप्ताह में सभी विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया जाए।
”हमारा लक्ष्य केवल स्कूल चलाना नहीं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारी सकारात्मक प्रयासों के साथ धरातल पर बदलाव सुनिश्चित करें।” — सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी
कस्तूरबा गांधी विद्यालय और मॉडल स्कूलों में खुलेंगे पुस्तकालय
उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में जिला परिषद के सहयोग से आधुनिक पुस्तकालयों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही, जिले के चयनित ‘मॉडल स्कूलों’ में भी लाइब्रेरी और अन्य जरूरी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्कूलों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं: स्मार्ट क्लास से लेकर कराटे तक
जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरि ने शिक्षा के क्षेत्र में चल रही योजनाओं का विस्तार से ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूलों में निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
- स्मार्ट एजुकेशन: स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और आईसीटी (ICT) लैब की स्थापना।
- विज्ञान एवं शोध: माध्यमिक स्कूलों में इंटीग्रेटेड साइंस लैब और लाइब्रेरी की उपलब्धता।
- क्लब का गठन: बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए इको क्लब, विज्ञान क्लब और गणित क्लब का संचालन।
- आत्मरक्षा: छात्राओं को सशक्त बनाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में कराटे प्रशिक्षण (Self-Defense Training) दिया जा रहा है।
- समावेशी शिक्षा: दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ पढ़ने का माहौल और जरूरी सहायक उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं।
शिक्षकों को प्रशिक्षण और बच्चों को मुफ्त सुविधाएं
कार्यशाला में यह भी रेखांकित किया गया कि कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को सरकार की ओर से मुफ्त किताबें, ड्रेस और छात्रवृत्ति दी जा रही है। केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भी समय-समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं।
यह पूरी कार्यशाला जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) श्री प्रहलाद प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुई। कार्यक्रम में जिले के सभी वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी और संभाग प्रभारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
ब्यूरो रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






