मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार सरकार के ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन’ के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार, 25 मार्च 2026 को छौड़ादानों प्रखंड के आयुष ग्राम ‘डूभा’ में एक विशाल स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य जांच के साथ मिली मुफ्त दवाएं
कटगेनवा ब्रह्मस्थान प्रांगण में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ देखी गई। राज्य आयुष समिति के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस कैंप में 315 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की गई। खास बात यह रही कि जांच के बाद मरीजों को आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक पद्धतियों से संबंधित दवाएं भी मुफ्त में उपलब्ध कराई गईं।
योग प्रशिक्षण और औषधीय पौधों का वितरण
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिविर में योग प्रशिक्षकों ने ग्रामीणों को प्राणायाम और विभिन्न योगाभ्यासों की ट्रेनिंग दी। इसके साथ ही, पर्यावरण और आयुर्वेद के जुड़ाव को समझाते हुए 122 ग्रामीणों के बीच औषधीय पौधों का वितरण किया गया, ताकि लोग अपने घरों में नीम, तुलसी और गिलोय जैसे प्राकृतिक उपचारों को जगह दे सकें।
चिकित्सा दलों ने निभाई अहम भूमिका
इस शिविर की सफलता में जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (छौड़ादानों) के नेतृत्व में आए चिकित्सा दलों का विशेष योगदान रहा।
- बहु-आयामी उपचार: शिविर में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं।
- विशेष चिकित्सा दल: छौड़ादानों स्वास्थ्य केंद्र से आए विशेष दल ने अकेले लगभग 100 मरीजों की जांच कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी।
क्या है आयुष ग्राम योजना?
पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि ‘आयुष ग्राम’ योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में आयुर्वेद और योग के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसके तहत न केवल बीमारियों का इलाज किया जाता है, बल्कि लोगों को ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ (बीमारी से बचाव) के तरीके भी सिखाए जाते हैं।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






