मोतिहारी (बिहार): खेती के सीजन में किसानों को खाद की किल्लत न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पूर्वी चंपारण जिले के सिकरहना (ढाका) अनुमंडल में खाद की तस्करी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है।
अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में बनकटवा और घोड़ासहन प्रखंडों में हुई इस छापेमारी ने खाद माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है।
नहर रोड पर तस्करी की कोशिश नाकाम
छापेमारी के दौरान बनकटवा नहर रोड पर मोटरसाइकिल के जरिए खाद की तस्करी का मामला सामने आया। पुलिस को देखते ही तस्कर 8 बोरी खाद और अपनी बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है और अज्ञात तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच के घेरे में खाद एजेंसियां: कहीं स्टॉक कम, तो कहीं अवैध यूरिया
प्रशासनिक टीम ने घोड़ासहन क्षेत्र की विभिन्न खाद दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं:
1. ओम सांई कृषि सेवा केंद्र पर बड़ी कार्रवाई
चंपापुर कोइरिया स्थित इस केंद्र की जांच में पाया गया कि दुकानदार ने भारी मात्रा में खाद दबाकर रखी थी।
- बरामदगी: गोदाम से 326 बोरी यूरिया और 270 बोरी फास्फेटिक फर्टिलाइजर मिला।
- गड़बड़ी: POS मशीन और उपलब्ध स्टॉक में 50 बोरी का अंतर मिला। साथ ही, 25 बोरी अवैध यूरिया बिना किसी बिल के पाया गया।
- कार्रवाई: कालाबाजारी की नीयत से स्टॉक करने के आरोप में विक्रेता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
2. यादव खाद भंडार का लाइसेंस होगा रद्द
चंपापुर कोइरिया के ही यादव खाद भंडार में स्टॉक की जांच के दौरान 8 बोरी खाद कम पाई गई। दुकानदार इस कमी का कोई ठोस कारण नहीं बता सका। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन ने जिला कृषि पदाधिकारी को इस दुकान का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भेजी है।
3. विकास खाद भंडार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
विकास खाद भंडार की जांच में स्टॉक रजिस्टर और मौके पर मौजूद खाद में 129 बोरियों का बड़ा अंतर मिला। दुकानदार द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण अधिकारियों को सही नहीं लगा, जिसके बाद स्थानीय थाने में दुकानदार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
ईमानदारी से काम करने वालों को राहत
प्रशासन की इस व्यापक जांच के बीच मेसर्स सोनू खाद बीज भंडार (जागीरहां) का रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त पाया गया। यहां स्टॉक और दस्तावेजों में कोई विसंगति नहीं मिली, जो अन्य दुकानदारों के लिए एक उदाहरण है।
अधिकारियों का संदेश: अनुमंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी या तस्करी कर किसानों के हक को मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। छापेमारी का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि किसानों को उचित दाम पर खाद उपलब्ध हो सके।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






