मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण। पूर्वी चम्पारण जिले में मनरेगा योजनाओं की रफ्तार तेज करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार, 18 मार्च 2026 को उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले प्रखंडों को फटकार लगाई गई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।
योजनाओं की एंट्री और वार्षिक कार्य योजना पर जोर
समीक्षा के दौरान डीडीसी ने ‘एनुअल एक्शन प्लान’ की प्रगति का जायजा लिया। जिले में पिछले एक सप्ताह में 10,361 नई योजनाओं की प्रगति दर्ज की गई है, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया। हालांकि, कार्यों में और तेजी लाने के लिए सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों (PO) को निर्देश दिया गया कि वे युक्तिधारा पोर्टल पर प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम 40 योजनाओं की एंट्री सुनिश्चित करें।
कार्य पूर्णता में पिछड़ रहे प्रखंडों को चेतावनी
बैठक में यह बात सामने आई कि जिले में कार्य पूर्ण करने की औसत दर 85.72% है, जो राज्य के औसत (86.64%) से थोड़ी कम है। विशेष रूप से केसरिया (75.63%), फेनहारा, चकिया और पकड़ीदयाल जैसे प्रखंडों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा।
डीडीसी के मुख्य निर्देश:
- सभी अधूरे कार्यों के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
- अगली समीक्षा तक कार्य पूर्णता का लक्ष्य 90% तक पहुँचाया जाए।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) के तहत मनरेगा सॉफ्ट और आवास सॉफ्ट पोर्टल के बीच डेटा के अंतर (करीब 14,610 योजनाओं का गैप) को तुरंत ठीक किया जाए।
मजदूरों के लिए ई-केवाईसी और 100 दिन का रोजगार अनिवार्य
मनरेगा मजदूरों के हक को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में सक्रिय मजदूरों का ई-केवाईसी (e-KYC) स्तर 81.09% है, जिसे एक सप्ताह के भीतर 90% करने का लक्ष्य दिया गया है।
इसके अलावा, जिले में 36,474 ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने 81 से 99 दिनों तक काम किया है। डीडीसी ने आदेश दिया कि इन सभी परिवारों को अनिवार्य रूप से 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, अपात्र जॉब कार्ड धारकों और पलायन कर चुके मजदूरों की सूची अलग से बनाने को कहा गया है।
खेल मैदानों का निर्माण और सोशल ऑडिट
जिले के युवाओं के लिए खेल सुविधाओं पर चर्चा करते हुए बताया गया कि 308 चिन्हित खेल मैदानों में से 306 पूरे हो चुके हैं। चकिया और केसरिया में एक-एक मैदान अधूरा है, जिसे दो दिनों में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। साथ ही, शेष 120 ग्राम पंचायतों में भी नए खेल मैदानों के लिए जमीन चयन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी का संदेश: “विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल ऑडिट के दौरान पाए गए सभी लंबित मामलों और शिकायतों का निपटारा तुरंत सुनिश्चित किया जाए।”
संपादन नोट: यह बैठक जिला सचिवालय में आयोजित हुई जिसमें मनरेगा के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यक्रम पदाधिकारी और तकनीकी सहायक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।
संपादन: कंटेंट टीम, सच्चा समाचार।






