पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के जिला उद्योग केंद्र में मंगलवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) शैलेंद्र कुमार भारती ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना था कि आम जनता को समय पर आर्थिक मदद मिल सके।
ऋण योजनाओं की समीक्षा और लक्ष्य पर जोर
बैठक के दौरान जिले के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से वार्षिक ऋण योजना (ACP), ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio), और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
अपर समाहर्ता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैंक और संबंधित विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब प्रशासन और बैंक मिलकर आम जनता का सहयोग करें।
इन प्रमुख योजनाओं पर रहा विशेष ध्यान
बैठक में निम्नलिखित क्षेत्रों और योजनाओं की प्रगति जांची गई:
- PMEGP और PMFME: सूक्ष्म खाद प्रसंस्करण और स्वरोजगार के लिए ऋण।
- जीविका समूह: महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ना (क्रेडिट लिंकेज)।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए किसानों को आर्थिक सहायता।
- PM SVANidhi: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए विशेष ऋण सुविधा।
प्रशिक्षण और आगामी वित्तीय वर्ष की तैयारी
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शुभम कुमार ने बताया कि PMEGP योजना के तहत लाभार्थियों का ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। जल्द ही ऑफलाइन प्रशिक्षण लेने वाले लाभार्थियों का विवरण भी पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नाबार्ड (NABARD) के पीएलपी (PLP) बुकलेट का विमोचन भी किया गया। यह बुकलेट भविष्य में जिले के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण वितरण की योजना बनाने में मदद करेगी।
बैंक और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल
अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) राजेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि आवेदनों को तेजी से बैंकों तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी 27 प्रखंडों में जीविका द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान कार्यों को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है।
अतिरिक्त जानकारी (पाठकों के लिए):
क्या है PMEGP? यह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम है, जिसके तहत नया व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी वाला लोन दिया जाता है। यदि आप भी स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, तो जिला उद्योग केंद्र या अपने नजदीकी बैंक से संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में उपस्थिति: इस अवसर पर मत्स्य पदाधिकारी, जीविका प्रतिनिधि, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक, आरसेटी निदेशक और विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित थे।






