भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति सुज़ुकी का नाम दशकों से भरोसे और किफायती कारों के लिए जाना जाता है। समय-समय पर कंपनी ने अलग-अलग सेगमेंट में नई गाड़ियाँ लॉन्च कीं और ग्राहकों की पसंद को देखते हुए लगातार अपडेट भी किए। इसी कड़ी में मारुति की प्रीमियम हैचबैक क्रॉसओवर Maruti Fronx ने सिर्फ दो सालों में 5 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री का रिकॉर्ड बना लिया है।
यह उपलब्धि बताती है कि भारतीय ग्राहकों ने इस कार को कितनी जल्दी अपनाया। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस गाड़ी में ऐसा क्या खास है, जिसने इसे सेगमेंट की अन्य कारों से अलग पहचान दिलाई? आइए विस्तार से जानते हैं।
जीएसटी सुधार और कीमत में फायदा
मारुति फ्रॉन्क्स को लेकर ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि जीएसटी रिफॉर्मेशन के बाद इसकी कीमत में करीब 70 से 72 हजार रुपये तक का ऑन-रोड फायदा मिल सकता है। उदाहरण के लिए, डेल्टा प्लस वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत ₹8,85,000 है। लेकिन 18% जीएसटी दर पर कैलकुलेशन करने पर ऑन-रोड प्राइस लगभग ₹8,15,000 तक आ सकता है।
यानी अगर कोई ग्राहक 22 सितंबर के बाद इस कार को खरीदता है, तो उसे टैक्स लाभ का सीधा फायदा मिलेगा। यह कार को और भी ज्यादा वैल्यू फॉर मनी डील बनाता है।
सेफ्टी में बड़ा अपडेट: अब सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग
पहले मारुति केवल डेल्टा प्लस (ऑप्शनल) वेरिएंट में ही 6 एयरबैग देती थी। लेकिन अब कंपनी ने बड़ा बदलाव करते हुए बेस वेरिएंट से ही छह एयरबैग स्टैंडर्ड कर दिए हैं।
इसके साथ ही स्पेयर व्हील की सुविधा भी अब हर मॉडल में मौजूद है। यह कदम भारतीय बाजार में सेफ्टी को लेकर बढ़ती जागरूकता को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
एक्सटीरियर डिज़ाइन: मस्कुलर और स्टाइलिश लुक
मारुति फ्रॉन्क्स का डिज़ाइन इसकी सबसे बड़ी USP मानी जाती है।
- सामने Nexa की सिग्नेचर वेवी ग्रिल क्रोम हाईलाइट्स के साथ मिलती है।
- शार्प कट्स और क्रीज़ेस बंपर को बोल्ड लुक देते हैं।
- डीआरएल्स और LED हेडलैंप्स इसे प्रीमियम अपील देते हैं।
- 16-इंच ब्लैक अलॉय व्हील्स और साइड बॉडी क्लैडिंग SUV जैसी फील कराते हैं।
- पीछे की तरफ एलईडी टेललैंप्स, एक्सटेंडेड स्पॉइलर और मस्कुलर बंपर इसे स्पोर्टी लुक देते हैं।
हालांकि, बीच का कनेक्टेड टेल लैंप डिज़ाइन केवल शो-पीस की तरह है क्योंकि वह ग्लो नहीं करता।
इंटीरियर: प्रैक्टिकलिटी और प्रीमियम फील का कॉम्बिनेशन
फ्रॉन्क्स का इंटीरियर ड्यूल-टोन स्कीम में आता है। इसमें फैब्रिक अपहोल्स्ट्री और पैडेड डोर इंसर्ट्स दिए गए हैं, जो इस प्राइस सेगमेंट में आमतौर पर कम देखने को मिलते हैं।
- सभी पैसेंजर्स के लिए थ्री-पॉइंट सीट बेल्ट और एडजस्टेबल हेडरेस्ट मौजूद हैं।
- 60:40 स्प्लिट सीट और 308 लीटर का बूट स्पेस इसे प्रैक्टिकल बनाता है।
- 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट करता है।
- ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, पावर विंडो और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ORVMs जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड हैं।
फिर भी, कुछ कमियाँ महसूस होती हैं—जैसे कि रियर एसी वेंट्स, आर्मरेस्ट और रियर कैमरा का अभाव। इस प्राइस रेंज में इन फीचर्स की उम्मीद ग्राहक करते हैं।
इंजन और परफॉर्मेंस
मारुति फ्रॉन्क्स में 1.2 लीटर, 4-सिलेंडर K-सीरीज़ पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसमें DualJet और Dual VVT टेक्नोलॉजी है।
- यह इंजन करीब 21.79 km/l की माइलेज क्लेम करता है।
- कार में 5-स्पीड मैनुअल और AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है।
- सीएनजी वेरिएंट का विकल्प भी ग्राहकों को दिया गया है, जिसमें फिलिंग नोज़ल पेट्रोल कैप के अंदर ही दिया गया है।
इसका 1190 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस और 2520 mm का व्हीलबेस भारतीय सड़कों के हिसाब से इसे और ज्यादा प्रैक्टिकल बनाता है।
ग्राहक क्यों कर रहे हैं पसंद?
भारतीय ग्राहक मारुति फ्रॉन्क्स को इसलिए पसंद कर रहे हैं क्योंकि:
- कीमत के हिसाब से वैल्यू फॉर मनी पैकेज है।
- सभी वेरिएंट्स में अब 6 एयरबैग जैसी सेफ्टी।
- माइलेज और लो-मेंटेनेंस कॉस्ट मारुति की पहचान रही है।
- स्टाइलिश और मस्कुलर डिज़ाइन, जो इसे अन्य हैचबैक से अलग करता है।
- Nexa चैनल के जरिए मिलने वाला प्रीमियम बायिंग एक्सपीरियंस।
प्रतियोगियों से तुलना
फ्रॉन्क्स का मुकाबला मुख्यतः Hyundai Exter, Tata Punch और Citroen C3 जैसी कारों से है।
- Hyundai Exter: फीचर लोडेड लेकिन कीमत थोड़ी ज्यादा।
- Tata Punch: बिल्ड क्वालिटी मजबूत लेकिन माइलेज कम।
- Citroen C3: यूनिक लुक्स लेकिन सर्विस नेटवर्क सीमित।
इन सबके बीच फ्रॉन्क्स ने बैलेंस्ड पैकेज ऑफर करके ग्राहकों का भरोसा जीता है।
क्या है मिसिंग?
फ्रॉन्क्स की लोकप्रियता के बावजूद कुछ फीचर्स की कमी खटकती है:
- रियर एसी वेंट्स
- ड्राइवर आर्मरेस्ट
- रियर कैमरा
- फ्रंट सीट हाइट एडजस्टमेंट
अगर कंपनी आने वाले अपडेट्स में इन्हें जोड़ दे, तो यह कार अपने सेगमेंट की बेस्ट चॉइस बन सकती है।
निष्कर्ष
दो साल में 5 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार करना मारुति फ्रॉन्क्स के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। प्रैक्टिकल डिज़ाइन, स्टाइलिश लुक्स, सेफ्टी अपडेट और जीएसटी लाभ ने इसे और आकर्षक बना दिया है।
हां, कुछ फीचर्स की कमी महसूस होती है, लेकिन इसके बावजूद यह कार भारतीय ग्राहकों के लिए एक सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प साबित हो रही है।
अगर आप 10 लाख रुपये से कम बजट में एक स्टाइलिश और प्रैक्टिकल कार की तलाश कर रहे हैं, तो Maruti Fronx आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
👉 आपको क्या लगता है—मारुति फ्रॉन्क्स अपने सेगमेंट में बेस्ट पैकेज है या इसमें अभी और सुधार की गुंजाइश है?












