बिहार 

मधेपुरा मामला: दोस्ती में दरार, विजय यादव पर राजदीप की जान लेने का आरोप

On: September 6, 2025 9:54 PM
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मधेपुरा मामला: दोस्ती में दरार, विजय यादव पर राजदीप की जान लेने का आरोप
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मधेपुरा, बिहार। बिहार के मधेपुरा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के बथनी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरपुरवा गांव में बीती रात एक 17 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान राजदीप यादव के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि राजदीप को उसके ही मित्र विजय यादव और उसके परिजनों ने बुलाकर पहले भोजन कराया और फिर तेज धारदार हथियार से उसकी निर्मम हत्या कर दी।

यह घटना न सिर्फ गांव बल्कि पूरे जिले में सनसनी का कारण बनी हुई है। हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी जिसके चलते वर्षों की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और एक मासूम जान ले ली गई।


घटना की पूरी कहानी

परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, राजदीप यादव और विजय यादव के बीच दो वर्ष से दोस्ती थी। 5 सितंबर की रात विजय यादव ने राजदीप को अपने घर बुलाया। वहां पर उसे “मां-भात” खिलाने के बाद घर पर ही ठहरने के लिए कहा गया।

परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान विजय यादव और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर तेज धारदार हथियार से राजदीप की गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को छुपाने के लिए उसे बाथरूम की पानी की टंकी में डालने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों को शक होने पर मामला उजागर हो गया।

घटना देर रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। सुबह लगभग 6 बजे गांव वालों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया।


मृतक का परिवार और गांव का माहौल

राजदीप यादव पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे। दो भाइयों और तीन बहनों में अब सिर्फ एक भाई शेष रह गया है। राजदीप की शादी नहीं हुई थी और परिजनों के मुताबिक कुछ सालों बाद ही उसकी शादी की योजना बनाई जा रही थी।

परिजनों का कहना है कि राजदीप घर की जिम्मेदारी संभालने वाला बेटा था। उसकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। बहनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं गांव की महिलाएं भी घटना को लेकर स्तब्ध हैं।


हत्या की संभावित वजहें

मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

  1. पैसों का विवाद:
    कुछ ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पैसों को लेकर पुरानी अनबन थी।
  2. प्यार प्रसंग की अटकलें:
    कुछ लोग इसे प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला बता रहे हैं, हालांकि मृतक के परिवार ने इस दावे से साफ इनकार किया है।
  3. निजी रंजिश:
    परिजनों का मानना है कि यह घटना किसी गहरी दुश्मनी का नतीजा है, जिसे विजय यादव ने लंबे समय से अपने मन में दबा रखा था।

पुलिस की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। बथनी थाना की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपितों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि –

“यह एक जघन्य अपराध है। हत्या के पीछे की असली वजह जानने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह और समय का खुलासा हो सकेगा।


ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोग कहते हैं कि दोस्ती के नाम पर इस तरह विश्वासघात करना किसी को स्वीकार नहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

एक ग्रामीण महिला ने कहा –

“हम सब के लिए ये घटना चेतावनी है। बेटा-बेटी दोस्त के घर जाते हैं तो मन में डर बैठ जाता है। सरकार से मांग है कि अपराधी को फांसी दी जाए।”


परिवार की मांग

मृतक के परिजनों का साफ कहना है कि –

“हमारा बेटा बहुत ही सीधा-साधा था। उसकी कोई दुश्मनी नहीं थी। प्रशासन से हमारी मांग है कि विजय यादव और उसके परिवार को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि हमारे बेटे की आत्मा को शांति मिले।”


सामाजिक संदेश

यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए सबक है। दोस्ती के रिश्ते पर शक की छाया डालने वाली इस घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। युवा पीढ़ी को चाहिए कि वे अपने दोस्तों और परिचितों के साथ सतर्क रहें और किसी भी विवाद की स्थिति में खुलकर परिवार को बताएं।


निष्कर्ष

बरपुरवा गांव की यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह बड़े अपराध का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरा जिला इस उम्मीद में है कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।

Sachcha Samachar Desk

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