बिहार 

कल्पना पटवारी: असम से भोजपुरी और बॉलीवुड तक, मां सरस्वती की आवाज़ का जादू

On: September 26, 2025 2:27 PM
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कल्पना पटवारी
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संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो सिर्फ कानों में गूंजती ही नहीं, बल्कि दिलों में गहरी छाप भी छोड़ जाती हैं। ऐसी ही एक विलक्षण आवाज़ हैं गायिका कल्पना पटवारी की। असम के एक छोटे से गाँव से निकलकर संगीत जगत में अपनी असाधारण पहचान बनाने वाली कल्पना ने न केवल असमिया और भोजपुरी, बल्कि हिंदी और कई अन्य भाषाओं में भी अपनी आवाज का जादू फैलाया है। उनकी गायकी में एक ऐसी विशिष्ट मिठास और गहराई है, जिसे सुनकर यह सहज महसूस होता है, जैसे स्वयं माँ सरस्वती का आशीर्वाद उनकी कला में समाया हुआ हो। उनके इस संगीत सफर का यह विस्तृत लेख न केवल उनकी संघर्ष भरी यात्रा का वर्णन करेगा, बल्कि भारतीय संगीत की विविधता और संस्कृति को बढ़ावा देने में उनके अद्वितीय योगदान को भी रेखांकित करेगा।

संगीत की शुरुआत: एक पारिवारिक विरासत की नींव

​कल्पना पटवारी का जन्म असम के एक छोटे से गाँव में हुआ था। उनके परिवार का संगीत से गहरा और पुराना नाता था। उनके पिता, श्री विपिन पटवारी, स्वयं एक जाने-माने लोक गायक थे, और उनकी माँ, जयमति पटवारी, को भी संगीत में गहरी रुचि थी। इस संगीत-मय माहौल में कल्पना का संगीत की ओर आकर्षित होना बिल्कुल स्वाभाविक था। उनके पिता का संगीत के प्रति असाधारण समर्पण और माँ द्वारा सिखाई गई साधना ने कल्पना को बचपन से ही संगीत की बारीकियों से जोड़ा।

​कल्पना ने बहुत ही छोटी उम्र में गायन की शुरुआत कर दी थी। असम की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और लोक संगीत की समृद्ध परंपरा ने उनके गायन को एक संजीवनी दी। उनके घर में हमेशा रियाज़ और संगीत चर्चा का माहौल बना रहता था, और इस वातावरण ने कल्पना की गायकी को गहराई और विशिष्टता प्रदान की। उनके गीतों में आज भी गंगा की पवित्रता, असम की मिट्टी की सोंधी खुशबू, और भारतीय लोक संगीत की आत्मा की झलक स्पष्ट रूप से महसूस होती है।

संगीत की यात्रा: लोक से बॉलीवुड के मंच तक

​कल्पना पटवारी का संगीत सफर असम के लोक गीतों से शुरू होकर देश की सबसे बड़ी संगीत इंडस्ट्री, बॉलीवुड, तक पहुँचा। उन्होंने असमिया गीतों में तो अपनी माधुर्यपूर्ण आवाज का जादू बिखेरा ही, साथ ही भोजपुरी, हिंदी और अन्य भाषाओं में भी अपनी गायन क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन किया। भोजपुरी संगीत में उनके योगदान को अविस्मरणीय माना जाता है। भोजपुरी गीतों में उनकी आवाज की चमकदार मिठास और उनकी ऊर्जा से भरी प्रस्तुति ने भोजपुरी संगीत को एक नया मुकाम दिलाया। ख़ासकर, “छपरिया पूर्वी” जैसी कठिन भोजपुरी विधाओं में उनकी प्रस्तुति ने न केवल इस संगीत शैली को नया आयाम दिया, बल्कि उन्हें भोजपुरी क्वीन के रूप में एक अनोखा स्थान दिलवाया।

​कल्पना का सफर भारतीय संगीत के विभिन्न रूपों जैसे लोक संगीत (Folk), फोक फ्यूजन (Folk Fusion), और क्लासिकल संगीत तक फैला। उनका विशेष योगदान भिखारी ठाकुर जैसे महान लोक गायकों की धरोहर को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने में भी रहा। उनके द्वारा गाए गए गीतों ने भारतीय लोक संगीत को जीवित रखा और उसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी।

राष्ट्रीय पहचान: कोक स्टूडियो से बॉलीवुड का सफ़र

​कल्पना पटवारी की आवाज़ का जादू तब और भी व्यापक हुआ, जब वह कोक स्टूडियो (Coke Studio) जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मंच पर पहुँचीं। कोक स्टूडियो ने उनकी आवाज़ को एक बड़ा आकाश दिया, और उनकी गायकी का जादू देश-विदेश में छा गया। इसके बाद, बॉलीवुड में भी उनकी आवाज़ की मज़बूत पहचान बनी। उनके भक्ति गीत जैसे “आगरवा में रले तुलसी जी के मलवा” ने न केवल बॉलीवुड में उनका स्थान सुनिश्चित किया, बल्कि उन्हें एक लोकप्रिय और बहुमुखी गायिका के रूप में भी स्थापित कर दिया।

​कल्पना ने बॉलीवुड में कई चर्चित और हिट गीतों में अपनी आवाज़ दी है। उनके गाए गीतों में “जिगर सबको खबर देख जरा एक नजर” और “तेरे इक से” जैसी धुनें आज भी श्रोताओं के दिलों में बसी हुई हैं। संगीत में उनका योगदान केवल उनकी सुरीली आवाज़ की वजह से नहीं, बल्कि उनके गायन में छुपी गहरी भावना और संवेदनाओं के कारण भी सराहा गया है।

पुरस्कार और सम्मान: कला का उच्चतम प्रमाण

​कल्पना पटवारी की सफल संगीत यात्रा में कई पुरस्कार और सम्मान भी शामिल हैं, जो उनकी कला का उत्कृष्ट प्रमाण हैं। उनके योगदान को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है। असमिया फ़िल्म इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड तक, उनके गीतों ने हर मंच पर सफलता हासिल की है। उनके गीतों ने न केवल प्रशंसकों का दिल जीता, बल्कि संगीत के आलोचकों से भी अत्यधिक प्रशंसा प्राप्त की। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है, जो उनके संगीत की गुणवत्ता और उनके असामान्य गायन कौशल का स्पष्ट प्रमाण हैं।

निष्कर्ष: कल्पना पटवारी का संगीत-मंत्र

​कल्पना पटवारी की आवाज़ में एक ऐसा अद्वितीय आकर्षण है जो उन्हें बाकी समकालीन गायिकाओं से अलग करता है। उनकी आवाज़ में एक विशिष्ट मिठास, एक गहरा ठहराव, और एक अथाह भावना है, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती है। उनकी गायकी में एक आध्यात्मिक शक्ति और शांति है जो संगीत को केवल ध्वनि नहीं, बल्कि आत्मा की गहराई तक पहुँचाती है।

​आज, कल्पना पटवारी भारतीय संगीत जगत का एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण नाम बन चुकी हैं। उनका यह सफर न केवल संगीत की दुनिया में एक प्रेरणा है, बल्कि यह यह भी दिखाता है कि कैसे एक छोटे से गाँव से आई एक लड़की ने अपनी मेहनत, समर्पण और कला के बल पर संगीत की दुनिया में अपना नाम रोशन किया। उनकी यात्रा यह स्थापित करती है कि संगीत की कोई भौगोलिक, सांस्कृतिक या भाषाई सीमाएं नहीं होतीं। कल्पना पटवारी का संगीत आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है, यह साबित करते हुए कि कला और संगीत सीमाओं को नहीं मानते, वे सिर्फ आत्मा को छूते हैं

Sachcha Samachar Desk

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