यार! आप मानोगे नहीं, आजकल फ़ोन कंपनियों के बीच जो होड़ मची है न— ख़ासकर iQOO जैसी कंपनियों में— वह एक तरह का अजीब सा पागलपन है। ये बस एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं, लेकिन इसका फ़ायदा सीधे-सीधे हमें मिल रहा है, है कि नहीं? iQOO ने अपनी Neo 10 सीरीज़ से मार्केट में सचमुच में एक टक्कर दी है, और अब ज़रा देखो, हर जगह यही फुसफुसाहट है कि वे जल्द ही अपना अगला बड़ा धमाका करने वाले हैं: iQOO Neo 11!
देखिए, टेक की दुनिया में काम करने वालों से लेकर आम स्मार्टफोन के दीवानों तक— हर कोई इस फ़ोन के बारे में बात कर रहा है, और मेरे पास जो जानकारियाँ आ रही हैं, उन्हें देखकर लगता है कि यह सिर्फ़ एक फ़ोन नहीं, बल्कि गेम चेंजर हो सकता है। तो, चलिए, बिना किसी फ़ॉर्मेलिटी के, सीधा उन लीक्स पर आते हैं जो हमें बता रही हैं कि iQOO Neo 11 से हमें असल में क्या उम्मीद करनी चाहिए, और सबसे ज़रूरी बात: भारत में कब तक यह हमारे हाथों तक पहुँच पाएगा!
डिस्प्ले – आँखें फ़ाड़कर देखने के लिए तैयार हो जाइए: 2K, 144Hz!
सबसे पहले, जिसकी मुझे सबसे ज़्यादा उम्मीद है, वह है इसका डिस्प्ले। लीक्स कह रही हैं कि iQOO इस बार बिल्कुल भी कंजूसी नहीं करेगा, और हमें लगभग 6.8 इंच का, एकदम बड़ा, 2K क्वाड फ्लैट OLED डिस्प्ले दे सकता है। अब ‘2K’ और ‘OLED’ एक साथ मिल रहे हैं, तो विज़ुअल्स की क्वालिटी तो टॉप नॉच होगी ही, लेकिन असली मज़ा तो तब आएगा जब आप इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट देखेंगे!
सोचिए, गेमिंग और मूवीज़! यह उन लोगों के लिए ट्रीट है जो घंटों तक फ़ोन को घूरते रहते हैं। और हाँ, ये लोग HDR10+ सपोर्ट और 5000 निट्स से भी ऊपर की पीक ब्राइटनेस की भी बात कर रहे हैं। मतलब, धूप में भी स्क्रीन ऐसी चमकेगी कि आपको चश्मा लगाना पड़ सकता है! संक्षेप में कहूँ तो, डिस्प्ले के मामले में कोई समझौता नहीं।
कैमरा – OIS के साथ 50MP: ज़रूरी फ़ीचर, सही जगह पर
कैमरा! iQOO की पहचान हमेशा से स्पीड और परफॉर्मेंस रही है, लेकिन Neo सीरीज़ ने हमेशा कैमरा भी अच्छा दिया है। Neo 11 में भी, लीक के हिसाब से, आपको 50 मेगापिक्सल का मेन सेंसर मिलेगा, जिसमें सबसे काम का फ़ीचर है— OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन)!
OIS क्यों ज़रूरी है? क्योंकि आप कितनी भी जल्दी में हों या आपका हाथ थोड़ा हिल भी जाए, फ़ोटो धुंधली नहीं होगी— यह आजकल ज़रूरी है। दूसरे कैमरे के बारे में अभी कोई पक्की अफ़वाह नहीं है, शायद एक अल्ट्रा-वाइड लेंस हो, या अगर iQOO ज़्यादा दिलदार हुआ तो एक टेलीफोटो लेंस भी दे सकता है, जो ज़ूमिंग को सुपर बना देगा। फ़्रंट में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी शूटर होने की उम्मीद है, जो पोर्ट्रेट और वीडियो कॉल के लिए काफ़ी अच्छा माना जा सकता है।
असली दमख़म – परफॉर्मेंस: Snapdragon 8 Lite के साथ तूफ़ान आने वाला है
देखिए, जो बात हमें सबसे ज़्यादा एक्साइट कर रही है, वह है इसका दिल— यानी प्रोसेसर! अफ़वाहें कह रही हैं कि इसमें Snapdragon 8 Lite जैसा कोई फ़्लैगशिप प्रोसेसर होगा, और अगर इसका AnTuTu स्कोर 2.7 मिलियन के पार जाता है, तो बॉस, यह फ़ोन सीधे-सीधे बाज़ी मार लेगा!
आप इसमें कठिन से कठिन गेमिंग करें, या 10-15 ऐप्स एक साथ खोलकर मल्टीटास्किंग करें, यह फ़ोन रुकने वाला नहीं है। इसके ऊपर से iQOO अगर अपना डेडिकेटेड ग्राफ़िक्स चिप भी डाल दे, जैसा कि उन्होंने पहले भी किया है, तो गेमिंग एक्सपीरियंस एकदम लल्लनटॉप हो जाएगा। LPDDR5X RAM और UFS 4.1 स्टोरेज तो आजकल स्टैंडर्ड हो गए हैं, लेकिन VC लिक्विड कूलिंग ज़रूर डालना चाहिए ताकि फ़ोन गर्म होकर नखरे न दिखाए।
बैटरी, चार्जिंग और कब मिलेगा यह फ़ोन?
बैटरी की चिंता सबको रहती है। अच्छी ख़बर यह है कि iQOO Neo 11 में 7000mAh की एक तगड़ी बैटरी मिल सकती है। अब इतनी बड़ी बैटरी को चार्ज करने के लिए ताकत भी चाहिए, इसलिए हमें 100W फास्ट चार्जिंग मिलने की बात हो रही है। ठीक है, पिछले मॉडल में 120W था, लेकिन 7000mAh बैटरी के साथ 100W भी काफ़ी तेज़ है।
लॉन्चिंग कब? सुनने में आ रहा है कि यह सबसे पहले नवंबर 2025 के आसपास चीन में दिखेगा। हमें, यानी भारत के यूज़र्स को, इसके लिए थोड़ा इंतज़ार करना होगा— शायद जनवरी 2026 के आस-पास। अगर यह 38,000 से 40,000 रुपये के बीच लॉन्च होता है, तो फ़्लैगशिप प्रोसेसर को देखते हुए, यह काफ़ी सही डील होगी।
तो क्या यह फ़ोन आपका अगला फ़ोन होगा? मुझे लगता है कि जो लोग परफॉर्मेंस, गेमिंग, और बढ़िया डिस्प्ले को सबसे ऊपर रखते हैं, उनके लिए यह फ़ोन चेकलिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए! क्या आप इस फ़ोन के लिए इतना इंतज़ार कर सकते हैं?










