नई दिल्ली: भारतीय संगीत और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान देने वाली सुप्रसिद्ध गायिका कल्पना पटोवारी का भावुक और अद्भुत संगीतमय वृत्तचित्र, “गंगास्नान,” इस रविवार, 5 जनवरी 2025 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में प्रदर्शित किया जाएगा। संगीत प्रेमियों और कला के पारखी लोगों के लिए इस अनूठी यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर शाम 03:00 बजे से 06:00 बजे तक रहेगा। यह वृत्तचित्र भारतीय लोक कला और संगीत की जड़ों को गहराई से छूता है और भारतीय संस्कृति में जीवनदायिनी गंगा नदी के महत्व को एक नए, हृदयस्पर्शी दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।
“गंगास्नान”: संगीत और संस्कृति का एक अनूठा संगम
भारतीय लोक संगीत, खासकर भोजपुरी और मैथिली संगीत की पहचान बन चुकीं कल्पना पटोवारी ने इस वृत्तचित्र को एक कलात्मक रूप दिया है। इसमें केवल गंगा नदी की महिमा का चित्रण ही नहीं है, बल्कि लोक संगीत की मधुर धुनों के माध्यम से उस महिमा को जीवंत भी किया गया है। “गंगास्नान” का मुख्य उद्देश्य दर्शकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराना और गंगा नदी के उस महत्व को समझाना है, जो भारतीय समाज के लिए केवल एक नदी नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और विश्वास का प्रतीक है।
इस वृत्तचित्र में गायन और संगीत का एक जादुई मेल देखने को मिलेगा, जिसे भारतीय संगीत जगत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित नाम, संगीतकार लुइस बैंक्स ने अपने संयोजन से और भी प्रभावशाली बना दिया है। उनके द्वारा रचित संगीत, पारंपरिक भारतीय लोक धुनों में आधुनिक तत्वों का एक खूबसूरत मिश्रण है, जो यकीनन दर्शकों को अपनी ओर खींच लेगा और उन्हें मंत्रमुग्ध कर देगा।
भिखारी ठाकुर की कालजयी रचनाएँ
वृत्तचित्र की आत्मा इसके गीतों में बसती है, जिनके रचनाकार भिखारी ठाकुर हैं। उन्हें ‘भोजपुरी का शेक्सपीयर’ कहा जाता है। भिखारी ठाकुर का योगदान इस परियोजना को सांस्कृतिक रूप से बेहद समृद्ध बनाता है। उनकी कविताएँ और गीत सीधे भारतीय समाज की जड़ों से जुड़े हैं—इनमें लोक जीवन के दर्द, प्रेम, संघर्ष और गहरी आस्था की अभिव्यक्ति मिलती है। उनके लिखे गीतों में गंगा नदी की महिमा और लोक संस्कृति का गहरा असर झलकता है, जो इस वृत्तचित्र को एक कालातीत कलाकृति बनाता है।
प्रदर्शन का स्थल और समय
यह विशेष प्रदर्शन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जो भारतीय पत्रकारिता और बौद्धिक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह स्थान अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, जिससे यहाँ आयोजित होने वाले हर कार्यक्रम को एक विशिष्ट गरिमा मिलती है। इस आयोजन के माध्यम से कल्पना पटोवारी और उनकी टीम भारतीय संस्कृति और संगीत की अनमोल धरोहर से दर्शकों को रू-ब-रू कराएगी।
वृत्तचित्र “गंगास्नान” का प्रदर्शन 5 जनवरी 2025, रविवार को शाम 03:00 बजे से 06:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। सप्ताहांत का यह समय सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए सुविधाजनक है, ताकि वे संगीत, कविता और भारतीय संस्कृति के इस अनूठे मिश्रण का शानदार अनुभव ले सकें।
लोक संगीत की सांस्कृतिक शक्ति
”गंगास्नान” सही मायनों में भारतीय लोक संगीत के प्रभाव और उसकी सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है। कल्पना पटोवारी ने हमेशा ही अपनी गायकी के माध्यम से लोक संगीत को आधुनिक संगीत प्रेमियों तक पहुंचाया है। यह नया प्रयास भी भारतीय संस्कृति और संगीत को वैश्विक मंच पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह वृत्तचित्र न केवल भारतीय संस्कृति के मूल्यों को उजागर करता है, बल्कि लोक संगीत की परंपरा को जीवित और प्रासंगिक बनाए रखने की अनिवार्यता भी याद दिलाता है।
निष्कर्ष और आमंत्रण
”गंगास्नान” भारतीय लोक संगीत और संस्कृति को एक साथ पेश करने का एक अतुलनीय और अभिनव प्रयास है। कल्पना पटोवारी का यह संगीतमय वृत्तचित्र गंगा नदी की महिमा और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की गहराई को दर्शाने का एक बेजोड़ माध्यम है।
हम संगीत प्रेमियों, कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले सभी लोगों को आमंत्रित करते हैं कि वे 5 जनवरी 2025 को शाम 03:00 बजे से 06:00 बजे तक प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें और भारतीय संस्कृति, संगीत और गंगा नदी की पवित्र महिमा का प्रत्यक्ष अनुभव करें।












