भोजपुरी लोक संगीत की जान, हमारी प्यारी देवी सिंगर! उनकी आवाज़ में वो जादू है कि आप बस झूम उठते हैं। लेकिन मंगलवार, 9 सितंबर की शाम को उन्होंने जो बम फोड़ा, उससे सोशल मीडिया हिल गया! अपनी ऑफिशियल प्रोफाइल पर उन्होंने अपने लाल की तस्वीर डाली और बस दो लाइनें लिखीं – “पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।”
भाई साहब! पूछिए मत! जैसे ही यह पोस्ट आई, बधाइयों की बाढ़ आ गई। लाखों फैन्स खुशी से पागल हो गए! लेकिन मेरे और आपके जैसे लाखों लोगों के दिमाग में एक ही सवाल हथौड़ा मार रहा था: देवी ने शादी कब की? और दूल्हा कौन है? किसी को कानों-कान खबर तक नहीं लगी!
सोशल मीडिया का बवाल और खुसुर-पुसुर!
उनकी वो एक पोस्ट क्या आई, चारों तरफ हंगामा मच गया। सेलेब्रिटीज से लेकर आम जनता तक, सब बधाई दे रहे थे। लेकिन पीठ पीछे सब खुसुर-पुसुर भी कर रहे थे कि बच्चे का बाप कौन है? सच कहूँ तो, इसी गॉसिप ने देवी को रातों-रात फिर से सुर्खियों का किंग बना दिया। हर कोई बस यही पूछ रहा था: मामला क्या है?
🔥 देवी का धांसू फैसला: मैं सिंगल मदर हूँ, और मुझे कोई परवाह नहीं!
सुनने में आया है कि देवी ने दरअसल शादी की ही नहीं है! जी हाँ, आपने सही सुना। हमारे समाज के सारे रीति-रिवाज और पुराने ख्यालात को किनारे रखकर, उन्होंने मॉडर्न साइंस का सहारा लिया और अकेले माँ बनने का फैसला किया। ऋषिकेश एम्स में उन्होंने अपने बेटे को जन्म दिया। क्या जिगरा चाहिए यार, ऐसा फैसला लेने के लिए! उन्होंने सच में दिखा दिया कि आज की औरत किसी पर निर्भर नहीं है। यह कदम सिर्फ साहसिक नहीं, बल्कि हमारे समाज के लिए एक जोरदार थप्पड़ जैसा है।
बैकग्राउंड स्टोरी: परिवार का साथ, जो सबसे ज़रूरी!
देवी मूल रूप से बिहार के छपरा की हैं। उनके पापा, प्रमोद कुमार, राजेंद्र कॉलेज में प्रोफेसर हैं, यानी पढ़े-लिखे इंसान। हालांकि, उनका पूरा परिवार अब उत्तराखंड में रहता है। आपको जानकर खुशी होगी कि उनके माता-पिता, भाई और बहन—पूरा खानदान उनके इस बोल्ड डिसीजन से बेहद खुश है और उन्हें पूरा सपोर्ट कर रहा है। जब परिवार साथ हो तो दुनिया क्या कहेगी, इससे क्या फर्क पड़ता है!
देवी और उनका संगीत – असली पहचान!
यह मत भूलिए कि देवी कोई ऐरी-गैरी सिंगर नहीं हैं। वह भोजपुरी लोक संगीत की सबसे बड़ी हस्ती हैं। उन्होंने हजारों गाने गाए हैं, जिनमें से कई तो सुपर-डुपर हिट रहे हैं। उनकी आवाज़ न सिर्फ बिहार और यूपी, बल्कि पूरी दुनिया में गूंजती है। उत्तराखंड में उनका जो संगीत आश्रम है, वह तो देश-विदेश के लोगों का तीर्थ स्थान है। उन्होंने अपने संगीत से भोजपुरी को एक अलग लेवल पर पहुँचाया है।
ये कदम है लाखों महिलाओं के लिए एक टॉनिक!
सच कहूँ तो, देवी का यह कदम उन लाखों महिलाओं के लिए एकदम टॉनिक की तरह है जो सिर्फ समाज के डर या उम्र की वजह से मातृत्व का सुख नहीं ले पातीं। साइंस इतनी आगे निकल चुकी है कि अब शादी कोई मजबूरी नहीं रह गई है माँ बनने के लिए। देवी ने इस मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके दिखा दिया कि अगर इच्छाशक्ति और हिम्मत हो, तो आप कोई भी सपना पूरा कर सकते हैं। बस दिल से आवाज़ आनी चाहिए!
गॉसिप से भी पुराना नाता!
ये पहली बार नहीं है जब देवी विवादों में आई हैं। याद है कुछ साल पहले, उनकी दुबई ट्रिप के दौरान एक पुरुष मित्र के साथ कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं? तब सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब खुराफात की थी। लेकिन देवी ने तब भी कड़क जवाब दिया था – “मैं क्या पहनती हूँ, किसके साथ घूमती हूँ, यह मेरा पर्सनल मामला है।” उनकी यही अक्खड़पन उन्हें और भी रियल और दमदार बनाता है।
समाज का रिएक्शन: कोई ताली मार रहा है, कोई आँखें दिखा रहा है
अब देखिए, समाज तो समाज है। एक बड़ा हिस्सा उनके इस क्रांतिकारी फैसले की तारीफों के पुल बाँध रहा है, उन्हें रोल मॉडल बता रहा है। वहीं, कुछ पुराने ख्यालों के लोग हैं जो इसे हमारी संस्कृति के खिलाफ बताकर नाराज़गी दिखा रहे हैं। लेकिन देवी ने अपने एक्शन से साफ कर दिया है कि उनकी पर्सनल फ्रीडम और खुशियाँ सबसे पहले हैं। और यह बात बिल्कुल पत्थर की लकीर है।
फाइनल टेक: देवी सिर्फ सिंगर नहीं, अब एक मिस परफेक्ट मदर हैं!
बिहार के छपरा से निकलकर दुनिया भर में अपना नाम कमाने वाली देवी ने हर स्टेज पर संघर्ष और मेहनत से सफलता पाई है। उनका बचपन से ही संगीत के प्रति पागलपन था, और आज वह भोजपुरी संगीत की आवाज़ बन चुकी हैं। उनके गाने बिना तो कोई शादी या त्योहार पूरा नहीं होता।
महिलाओं के लिए उनका सीधा मैसेज है: किसी की मत सुनो! मातृत्व का सपना शादी पर निर्भर नहीं है। यह तुम्हारा फैसला है, और तुम्हें इसे अपनी शर्तों पर लेने का पूरा-पूरा अधिकार है।
देवी का यह अभूतपूर्व और साहसी कदम न सिर्फ एक पर्सनल चॉइस है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक बड़ी वेक-अप कॉल है। उन्होंने साबित कर दिया है कि आप आलोचनाओं और पुरानी रीतियों को अनदेखा करके भी अपनी ज़िंदगी को अपने तरीके से जी सकते हैं।
देवी की यह नई जर्नी न केवल उन्हें एक नई पहचान देगी, बल्कि कई दबी हुई इच्छाओं को भी पंख देगी। अब हमें देखना यह है कि उनकी यह हिम्मत कितनी और महिलाओं को प्रेरित करती है।
लेखक का दृष्टिकोण: सच कहूँ तो, देवी ने जो किया, वह अविश्वसनीय है। मैंने इस पूरे आर्टिकल में उनकी हिम्मत को सैल्यूट किया है और बिना किसी लाग-लपेट के हर बात सामने रखी है, ताकि आपको एक सच्ची और बेबाक कहानी मिल सके।












