बिहार 

अंगिका शॉर्ट फिल्म “शैतान के दूत” दर्शकों के दिलों पर छाई, सामाजिक संदेश के लिए हो रही सराहना

On: October 5, 2025 8:22 PM
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शैतान के दूत
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अंगिका भाषा की सशक्त पहचान को और मजबूत करती शॉर्ट फिल्म “शैतान के दूत” ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। रिलीज होते ही यह फिल्म न केवल दर्शकों का मनोरंजन कर रही है, बल्कि एक बेहद ज़रूरी और गंभीर सामाजिक संदेश भी दे रही है, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है।

रूसी क्लासिक का अंगिका रूपांतरण

​फिल्म की कहानी महान रूसी लेखक लियो टॉल्सटॉय के एक मशहूर नाटक पर आधारित है, जिसे क्षेत्रीयता के रंग में ढालकर अंगिका भाषा में रूपांतरित किया गया है। यह कथा एक ऐसे सीधे-सादे और ईमानदार किसान के जीवन पर केंद्रित है, जो शैतान के दूत ‘दुरू’ के जाल में फंस जाता है। शैतान के इशारे पर दूत ‘दुरू’ किसान को शराब के धंधे में धकेलता है, और यहीं से उसकी ज़िन्दगी बर्बादी की राह पकड़ लेती है। फिल्म बहुत साफगोई से बताती है कि कैसे एक छोटी सी गलती, लालच, या बुरी संगति एक अच्छे-भले इंसान को अंधेरे की खाई में खींच सकती है।

निर्देशन और निर्माण टीम

​इस संजीदा कहानी को पर्दे पर उतारने का श्रेय नाथनगर निवासी मौर्य कुणाल मंडल को जाता है, जिन्होंने निर्देशन की बागडोर संभाली है। उन्होंने इस वैश्विक कहानी को अंगिका क्षेत्र के संदर्भों में खूबसूरती से ढाला है। फिल्म का निर्माण कुमोद मंडल ने किया है, जबकि सिनेमैटोग्राफी और लाइटिंग जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू को शटर सरप्राइज स्टूडियो के संस्थापक आशीष गुप्ता ने संभाला है।

कलाकारों का जीवंत अभिनय

​फिल्म की सफलता में कलाकारों के प्रदर्शन का बड़ा हाथ है। जितेन्द्र कुमार ‘जीतू’, निर्देशक मौर्य कुणाल मंडल स्वयं, करिश्मा यादव, संजीत कुमार संगम, कुमोद मंडल, और भोला कुमार बागबानी जैसे मुख्य कलाकारों ने अपने किरदारों को जीवंत बना दिया है। इनके साथ ही शिवम राज, रौशन राज, सज्जन सिंह, हरिओम शिवम, सौरभ सुमन, दुर्गेश सितारे, और निशांत सुमन ने भी सराहनीय काम किया है।

नशे के खिलाफ जागरूकता की मशाल

​”शैतान के दूत” महज़ एक कहानी नहीं, यह समाज को आईना दिखाती है। यह फिल्म विशेष रूप से नशे के कारोबार और उसके भयानक दुष्परिणामों पर गहरी चोट करती है। यह सीधे तौर पर आज के युवाओं के शराब जैसे सामाजिक बुराई की तरफ बढ़ते झुकाव पर सवाल उठाती है और उन्हें सजग रहने की प्रेरणा देती है।

रिलीज़ और प्रतिक्रिया

​यह शॉर्ट फिल्म श्री कुमोद फ़िल्म्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है, जहां दर्शकों की प्रतिक्रियाएँ अत्यंत सकारात्मक रही हैं। दर्शकों ने फिल्म की दमदार पटकथा, अंगिका भाषा के सटीक प्रयोग और कलाकारों के प्रभावी अभिनय की जमकर तारीफ की है।

निष्कर्ष

​”शैतान के दूत” अंगिका सिनेमा की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है, जो यह साबित करती है कि क्षेत्रीय भाषा की फ़िल्में भी मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक चेतना जगाने का माद्दा रखती हैं। यह प्रयास अंगिका संस्कृति और भाषा को एक नई और मज़बूत पहचान दिलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

यूट्यूब वीडियो:

  • शीर्षक: शैतान के दूत | Shaitan Ke Doot | Angika Short Film | Maurya Kunal Mandal | #angikafilm | 2025
  • चैनल: SHRI KUMOD FILMS
  • लिंक: Shaitan Ke Doot Angika Short Film

Sachcha Samachar Desk

Sachcha Samachar Desk वेबसाइट की आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो देश और दुनिया से जुड़ी ताज़ा, तथ्य-आधारित और निष्पक्ष खबरें तैयार करती है। यह टीम विश्वसनीयता, ज़िम्मेदार पत्रकारिता और पाठकों को समय पर सही जानकारी देने के सिद्धांत पर काम करती है।

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