बिहार के मोतिहारी में आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने जिले के सभी बैंक प्रबंधकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग और अन्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर जल्द निपटारा करना है।
बैंक प्रबंधकों को अधिक नोटिस भेजने के निर्देश
बैठक के दौरान सचिव नितिन त्रिपाठी ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बैंकिंग से जुड़े लंबित मामलों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि बैंक अधिक से अधिक ग्राहकों को नोटिस तामिला (Notice Service) सुनिश्चित करें, ताकि लोग लोक अदालत में पहुंचकर अपने ऋण या अन्य विवादों का समाधान कर सकें।
लोक अदालत के माध्यम से मामलों को सुलझाने से न केवल अदालतों का बोझ कम होता है, बल्कि आम जनता को भी कानूनी प्रक्रियाओं के चक्कर काटे बिना सुलभ न्याय मिल जाता है।
ट्रैफिक चालान से भी मिलेगी राहत
इस बार की लोक अदालत आम नागरिकों के लिए एक और बड़ी राहत लेकर आ रही है। बैठक में जानकारी दी गई कि 9 मई को ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। यदि किसी नागरिक का लंबे समय से कोई चालान लंबित है, तो वे लोक अदालत में उपस्थित होकर उसे कानूनी रूप से बंद करवा सकते हैं। इससे लोगों को भविष्य में होने वाली कानूनी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
आपसी समन्वय से न्याय होगा आसान
प्रशासन का लक्ष्य इस आयोजन को यादगार और सार्थक बनाना है। सचिव ने सभी बैंक प्रबंधकों और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे आपसी तालमेल के साथ काम करें।
लोक अदालत के फायदे:
- समय की बचत: सालों से लंबित मामले एक ही दिन में सुलझ सकते हैं।
- कम खर्च: इसमें किसी भी प्रकार की अदालती फीस नहीं लगती।
- अंतिम फैसला: लोक अदालत का निर्णय आपसी सहमति से होता है, जिसे कानूनी मान्यता प्राप्त है।
मोतिहारी जिला प्रशासन ने आम जनता से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया है ताकि छोटे और सुलझने योग्य विवादों को जल्द खत्म किया जा सके।






