पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल अनुमंडल में आम जनता की शिकायतों और सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे उन तक पहुँचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी के निर्देश पर आगामी 19 मई से अनुमंडल के विभिन्न पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन शुरू किया जा रहा है।
प्रशासन की विशेष बैठक में बनी रणनीति
सोमवार को रक्सौल अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सामान्य प्रशासन विभाग और जिलाधिकारी के आदेशानुसार आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शिविर के सफल क्रियान्वयन के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी शामिल हुए:
- सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
- प्रभारी अंचलाधिकारी (CO)
- प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी
- श्रम प्रवर्तन और कृषि विभाग के अधिकारी
हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे कैंप
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना है। बैठक में तय रोस्टर के अनुसार, ये सहयोग शिविर प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे।
19 मई 2026 से शुरू हो रहे इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने ही पंचायत भवन में आवेदन जमा कर सकेंगे।
मौके पर ही आवेदनों का होगा निपटारा
अनुमंडल पदाधिकारी ने सख्त लहजे में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पंचायत स्तर पर प्राप्त होने वाले आवेदनों को नियमानुसार और समय सीमा के भीतर निष्पादित किया जाए।
सहयोग शिविर के मुख्य लाभ:
- बिचौलियों से मुक्ति: ग्रामीण सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रख सकेंगे।
- समय की बचत: अनुमंडल या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- पारदर्शिता: पंचायत भवन में आवेदन लेने से जवाबदेही तय होगी।
स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने संबंधित पंचायत भवन पहुँचकर इन शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं।






