बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्कूलों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा ले रहे हैं।
अरेराज के दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण
इसी कड़ी में वरीय कोषागार पदाधिकारी श्री विजय कुमार ने अरेराज प्रखंड के दो प्रमुख स्कूलों का निरीक्षण किया:
- राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अरेराज
- उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जानेरवा
अधिकारी के अचानक स्कूल पहुँचने से वहां के शैक्षणिक माहौल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।
उपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान कोषागार पदाधिकारी ने सबसे पहले स्कूल के हाजिरी रजिस्टर की जांच की। उन्होंने देखा कि कितने शिक्षक समय पर उपस्थित हैं और छात्रों की उपस्थिति का प्रतिशत क्या है। इसके साथ ही, उन्होंने स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर यानी भवन की स्थिति, साफ-सफाई और बच्चों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी बारीकी से मुआयना किया।
जब अधिकारी बने शिक्षक: बच्चों से पूछे सवाल
निरीक्षण का सबसे खास हिस्सा तब रहा जब श्री विजय कुमार सीधे क्लासरूम में पहुंच गए। वहां उन्होंने न केवल बच्चों से बातचीत की, बल्कि एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए उन्हें पाठ भी पढ़ाया।
- सटीक जवाब: अधिकारी ने पढ़ाई से संबंधित कुछ सवाल पूछे, जिनका छात्रों ने बिना डरे सही उत्तर दिया।
- संतुष्टि: बच्चों के ज्ञान के स्तर को देखकर पदाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
- प्रोत्साहन: उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में शिक्षा का महत्व समझाया और उन्हें कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रशासन का उद्देश्य
मोतिहारी जिले में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समयबद्धता सुनिश्चित करना और पढ़ाई के स्तर को निजी स्कूलों के समकक्ष लाना है। प्रशासन का मानना है कि नियमित निगरानी से स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और बच्चों का भविष्य बेहतर बनेगा।







