बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में सरकारी नियमों की अनदेखी करने वाली गैस एजेंसियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रक्सौल अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार ने रामगढ़वा प्रखंड में संचालित दो प्रमुख गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस जांच के दौरान उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ी कई गंभीर खामियां पाई गईं।
लालपरी गैस एजेंसी: खराब मशीन और स्टॉक में गड़बड़ी
जांच टीम जब प्रो. लालपरी गैस एजेंसी पहुंची, तो वहां स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण में निम्नलिखित प्रमुख कमियां उजागर हुईं:
- स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी: एजेंसी के पास मौजूद गैस सिलेंडरों का रिकॉर्ड सही तरीके से नहीं रखा गया था।
- तौल मशीन खराब: उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले सिलेंडर का वजन करने वाली मशीन खराब पाई गई।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी: गैस गोदाम का रखरखाव तय सरकारी मानकों के अनुसार नहीं था।
- कम वजन की शिकायत: यह बात भी सामने आई कि उपभोक्ताओं को सिलेंडर का वजन करके नहीं दिया जा रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
मां सावित्री गैस एजेंसी: सुरक्षा और पारदर्शिता का अभाव
रामगढ़वा बाजार स्थित मां सावित्री गैस एजेंसी की जांच के दौरान भी कई अनियमितताएं मिलीं। प्रशासन ने पाया कि:
- अग्निशमन व्यवस्था ठप: आग से बचाव के लिए जरूरी ‘फायर बकेट’ का रखरखाव सही नहीं था।
- रेट लिस्ट गायब: गोदाम पर न तो गैस का स्टॉक बोर्ड लगा था और न ही मूल्य सूची प्रदर्शित की गई थी।
- अव्यवस्थित गोदाम: गोदाम के संचालन और संधारण में लापरवाही बरती जा रही थी।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: कारण बताओ नोटिस जारी
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने दोनों एजेंसियों के संचालकों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा है।
अधिकारियों का निर्देश: प्रशासन ने दोनों एजेंसियों को सख्त हिदायत दी है कि वे तुरंत अपनी कमियों को सुधारें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में उपभोक्ताओं को पूरी पारदर्शिता के साथ और सही वजन में गैस की आपूर्ति की जाए।
इस छापेमारी दल में रक्सौल SDO के साथ प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) और स्थानीय पुलिस बल भी शामिल था। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य गैस एजेंसी संचालकों में हड़कंप मच गया है।







