मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण। भारत की आगामी जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने मकानों की सूची तैयार करने और उनकी गिनती (मकान सूचीकरण) के लिए कमर कस ली है। इसी सिलसिले में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए बनेंगे ‘कंट्रोल रूम’
बैठक के दौरान जिलाधिकारी (DM) सौरभ जोरवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनगणना के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार्ज स्तर पर ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम होने से फील्ड में काम कर रहे कर्मियों को आने वाली समस्याओं का समाधान तुरंत किया जा सकेगा, जिससे काम की गति बनी रहेगी।
2 मई से शुरू होगा मकानों की गिनती का काम
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान गणना का कार्य 2 मई 2026 से 30 मई 2026 तक चलेगा।
- नियुक्ति और तैयारी: सभी चार्ज अधिकारियों को प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र, नक्शा और किट समय पर वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- निरीक्षण: अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे फील्ड में जाकर कार्यों की लगातार समीक्षा और निरीक्षण करें।
”न छूटे एक भी मकान”: नजरी नक्शे पर जोर
जनगणना कार्य में मकानों की सटीक गिनती सबसे बुनियादी कदम है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि “कोई भी मकान गणना से छूटना नहीं चाहिए।” इसके लिए उन्होंने ‘नजरी नक्शा’ (रफ स्केच मैप) को सही ढंग से बनाने और उसका सही उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना देश का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए इसे निर्धारित समय सीमा (टाइम फ्रेम) के भीतर ही पूरा करना अनिवार्य है।
हैंडबुक और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक में उपस्थित अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक’ का कार्य 1 अगस्त से 30 अगस्त के बीच संपन्न होना है, जिसकी तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए। वहीं, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने भरोसा दिलाया कि निदेशालय के निर्देशों के अनुसार सभी कार्य समय पर पूरे कर लिए जाएंगे।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त आशीष कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा, सहायक समाहर्त्ता राज कृष्ण झा और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रह्लाद गुप्ता सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कोषांगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पाठकों के लिए अतिरिक्त संदर्भ: जनगणना (Census) भारत में हर 10 साल में होने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की सरकारी योजनाएं और बजट तैयार किए जाते हैं। मकान सूचीकरण इसका पहला चरण होता है, जिसमें रिहायशी और गैर-रिहायशी मकानों की पहचान की जाती है।







