पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड स्थित इंद्रासन उत्क्रमित विद्यालय में बुधवार को एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी सुरक्षा सेवाओं से अवगत कराना था।
संकट के समय इन हेल्पलाइन नंबरों से मिलेगी मदद
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारियों ने विभिन्न आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी विषम परिस्थिति में वे इन नंबरों का उपयोग कर सकते हैं:
- महिला हेल्पलाइन (181): किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या घरेलू विवाद की स्थिति में महिलाएं इस नंबर पर कॉल कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
- चाइल्ड हेल्पलाइन (1098): बच्चों के संरक्षण, बाल श्रम या किसी भी प्रकार के शोषण की शिकायत के लिए यह नंबर 24 घंटे उपलब्ध है।
सरकारी योजनाओं और सुरक्षा केंद्रों की दी गई जानकारी
विशेषज्ञों ने ‘वन स्टॉप सेंटर’ (OSC) और ‘जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन’ (DHEW) की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया। महिलाओं को समझाया गया कि सरकार द्वारा संचालित ये केंद्र न केवल उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मार्गदर्शन भी देते हैं।
विशेषज्ञों की रही मौजूदगी
इस मौके पर जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन के जेंडर स्पेशलिस्ट और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के प्रति भी सचेत किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की शपथ दिलाई गई।
संपादकीय नोट: इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है ताकि वे बिना किसी डर के अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें।






