मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया ने जोर पकड़ लिया है। जिलाधिकारी (DM) सौरभ जोरवाल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द अपनी स्व-गणना पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा: “मैंने अपनी गणना पूरी की, अब आपकी बारी”
समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी ने एक मिसाल पेश करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी स्व-गणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उनके साथ ही उप विकास आयुक्त (DDC) और अपर समाहर्ता जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर दी है।
डीएम ने निर्देश दिया है कि:
- अगले 1 से 2 दिनों के भीतर जिले के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी अपनी स्व-गणना पूर्ण करें।
- कार्य पूरा होने के प्रमाण के रूप में फोटो जिला प्रशासन के ग्रुप पर साझा करें।
जीविका दीदियों और बड़े विभागों को मिला विशेष टास्क
जनगणना के इस महाभियान में ज़मीनी स्तर पर तेज़ी लाने के लिए जिलाधिकारी ने विभागों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी है:
- जीविका समूह: डीपीएम जीविका को निर्देश दिया गया है कि वे जिले की सभी जीविका दीदियों का स्व-गणना कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएं।
- प्रमुख विभाग: शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे बड़े विभागों के अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों की प्रगति की रोज़ाना समीक्षा (Monitoring) करें।
जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बढ़ेगी जन-जागरूकता
जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे प्रखंड स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित करें। वार्ड पार्षद और पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से आम जनता को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारियों को भी नगर निगम और परिषदों में सक्रियता बढ़ाने को कहा गया है।
“स्व-गणना का कार्य 17 अप्रैल से शुरू हो चुका है और यह 1 मई 2026 तक जारी रहेगा। यह राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है, इसलिए सभी जिला वासी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।”
— सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण
क्या है स्व-गणना (Self-Enumeration)?
यह जनगणना प्रक्रिया का एक आधुनिक हिस्सा है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। इससे डेटा संकलन में शुद्धता आती है और समय की बचत होती है।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






