बिहार 

​बिहार: छुट्टी पर आए सेना के जवान की सड़क हादसे में मौत, 18 अप्रैल को वापस जाना था ड्यूटी पर

On: April 12, 2026 8:27 AM
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मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र में एक अनियंत्रित ट्रक ने भारतीय सेना के जवान अशोक कुमार सिंह को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। देश की रक्षा करने वाला यह वीर सपूत अपने ही घर के पास सड़क सुरक्षा की लापरवाही का शिकार हो गया।

​कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​मिली जानकारी के अनुसार, संग्रामपुर मठिया (वार्ड नंबर 15) के निवासी 30 वर्षीय अशोक कुमार सिंह पंजाब के फिरोजपुर मिलिट्री स्टेशन पर सिपाही के पद पर तैनात थे। वे जनवरी में छुट्टी लेकर घर आए थे।

​10 अप्रैल की सुबह करीब 8 बजे, अशोक अपनी बाइक से मोतिहारी रेलवे स्टेशन के लिए निकले थे। इसी दौरान SH-74 मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अशोक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उन्हें मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

​अशोक अपने परिवार के बड़े बेटे थे और पूरे घर की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके पिता स्वर्गीय अजित कुमार सिंह के निधन के बाद उन्होंने ही परिवार को संभाला था।

  • मासूम बेटी का इंतजार: अशोक की तीन साल की छोटी बेटी अनमोल अभी यह समझ भी नहीं पा रही है कि उसके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे।
  • पत्नी का बुरा हाल: उनकी पत्नी पूजा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
  • आर्थिक संकट: छोटा भाई विमल खेती-बाड़ी देखता है। परिवार के सामने अब भविष्य को लेकर गहरा संकट खड़ा हो गया है।

​राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

​हादसे की खबर मिलते ही भारतीय सेना की टीम मौके पर पहुँची। सूबेदार लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार के नेतृत्व में जवानों ने अपने साथी को अंतिम विदाई दी। सेना की टुकड़ी ने हवा में तीन राउंड फायरिंग कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सूबेदार विजय कुमार ने कहा कि अशोक एक वीर सैनिक थे और सेना इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

​प्रशासन और सड़क सुरक्षा पर सवाल

​इस घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र की सड़कों पर रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है और न ही पर्याप्त स्पीड ब्रेकर हैं।

​”अशोक गांव का गौरव थे। सड़क पर बेलगाम दौड़ते ट्रक मासूमों और जवानों की जान ले रहे हैं, प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए।” – रामविलास पासवान, पंचायत प्रतिनिधि

 

​पुलिस की कार्रवाई

​संग्रामपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। थानाध्यक्ष के मुताबिक, आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि दोषी चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

सावधानी संदेश: यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी कितनी जरूरी है। तेज रफ्तार न केवल चालक बल्कि दूसरों के परिवार को भी उम्र भर का दर्द दे सकती है।

रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।

Sachcha Samachar Desk

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