बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के सीता कुंड धाम (चकिया) की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। राज्य पर्यटन विकास निगम इस तीर्थ स्थल को एक आधुनिक और सुविधाजनक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। ₹12.93 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली इस परियोजना पर काम काफी तेजी से चल रहा है।
डीएम ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता पर दिया जोर
हाल ही में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (DM) ने चकिया के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के साथ सीता कुंड धाम का दौरा किया। उन्होंने निर्माण कार्य की बारीकियों को देखा और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया है कि वे पर्यटन प्रभाग के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट की एक विस्तृत क्वालिटी रिपोर्ट तैयार करें।
श्रद्धालुओं के लिए क्या-क्या होगा खास?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है। इसके तहत निम्नलिखित निर्माण कार्य किए जा रहे हैं:
- तालाब का नवीनीकरण: मुख्य सीता कुंड तालाब को 37 मीटर के आकर्षक गोल आकार में ढाला जा रहा है, जिसमें सुंदर बलुआ पत्थर की सीढ़ियाँ और सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जा रही है।
- चौड़ी सड़कें और शेड: मुख्य गेट से तालाब तक पहुँचने के लिए टू-लेन सड़क बनाई जा रही है। साथ ही धूप और बारिश से बचाव के लिए शेड और बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था होगी।
- कैफेटेरिया और विश्राम गृह: पर्यटकों के खान-पान के लिए 2700 वर्गफीट का एक बड़ा कैफेटेरिया और रुकने के लिए दो विशेष कॉटेज बनाए जा रहे हैं।
- सुविधा केंद्र: परिसर में 12 नई दुकानें बनाई जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा शौचालय और परिसर की सुरक्षा के लिए जालीदार दीवार का निर्माण भी शामिल है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सीता कुंड धाम के इस कायाकल्प से न केवल जिले की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पर्यटन बढ़ने से आसपास के गांवों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
लक्ष्य: प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 8 दिसंबर 2026 तक पूरा करने की समय-सीमा तय की है।
यह विकास कार्य पूरा होने के बाद, सीता कुंड धाम बिहार के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग और चमकती हुई पहचान बनाने के लिए तैयार होगा।






